n NBT न्यूज, गुड़गांव
मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अब बड़ा डिजिटल एक्शन शुरू कर दिया गया है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने मानेसर की करीब 150 प्रमुख उद्योगों को 24x7 ऑनलाइन निगरानी के दायरे में लाकर साफ संकेत दे दिया है कि अब नियमों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक उद्योग की चिमनियों से निकलने वाले उत्सर्जन का डेटा रियल टाइम में रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे प्रदूषण के स्तर में जरा सी भी बढ़ोतरी तुरंत पकड़ में आ सकेगी और संबंधित यूनिट के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव होगी। साथ ही, प्रदूषण की अधिकतम सीमा को 80 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से घटाकर 50 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर कर दिया गया है, जिससे मानक पहले की तुलना में काफी सख्त हो गए हैं।
CAQM के निर्देशों पर उठाया कदम
यह कदम कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है, जिसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में लगातार गिरती वायु गुणवत्ता को सुधारना है। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में उद्योगों की भूमिका अहम रही है, जिसे देखते हुए यह सख्ती जरूरी हो गई थी।
अब छिप नहीं सकेगी किसी भी तरह की कोई लापरवाही : HSPCB, गुड़गांव साउथ जोन के क्षेत्रीय अधिकारी सिद्धार्थ भार्गव ने बताया कि कई उद्योगों में पुराने और अप्रभावी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लंबे समय से समस्या बने हुए थे। ऐसे में सभी को सिस्टम अपग्रेड करने का निर्देश दिया गया है। इतना ही नहीं अब ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होने के बाद उद्योगों की किसी भी प्रकार की लापरवाही छिप नहीं सकेगी।


