n NBT रिपोर्ट, उद्योग विहार
शहर के उद्योग विहार में सोमवार शाम हिट एंड रन केस में बड़ी लापरवाही सामने आई है। घायल को समय से अस्पताल में एडमिट करवाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। करीब दो घंटे तक घायल रोड पर तड़पता रहा। अस्पताल पहुंचाने में देर हुई, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका। इतना ही नहीं, पुलिस को भी हादसे की सूचना 12 घंटे बाद मंगलवार अलसुबह पांच बजे बाद मिली। यह पहला मामला नहीं है, जिसमें साइकल सवार की मौत हुई है। शहर में जीएमडीए की ओर से भले ही कई एरिया में साइकल ट्रैक बना दिए गए हों, लेकिन यह ट्रैक अब पार्किंग का अड्डा बन चुके हैं। ऐसे में साइकल सवार मुख्य रोड पर तेज स्पीड वाहनों के बीच चलने को मजबूर हैं।
कागज़ी कार्रवाई नहीं हुई तो अस्पताल के बाहर छोड़ा
मूलरूप से यूपी निवासी राधेश्याम गुप्ता उद्योग विहार फेज की कंपनी में काम करते थे। बिजवासन में रहने वाले राधेश्याम राेज की तरह साेमवार शाम पांच बजे ड्यूटी खत्म कर घर के लिए साइकल पर निकले थे। साढ़े पांच बजे फेज वन पहुंचे तो यहां किसी वाहन ने टक्कर मार दी। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर छोटे भाई घनश्याम का कॉल आया। फोन वहां एक चाय वाले ने रिसीव किया। उसने बताया कि उनके भाई का एक्सिडेंट हो गया है। लोग उन्हें अस्पताल लेगए हैं। परिवार दो घंटे तक उन्हें तलाशता रहा। बाद में राधेश्याम एक हॉस्पिटल के बाहर मिले। कागजी कार्रवाई न होने से लोग उन्हें अस्पताल के बाहर छोड़ गए थे।


