पीछा छुड़ाने के लिए ट्रांसजेंडर ने दोस्तों के साथ हत्या कर शव जमीन में गाड़ा

नवभारतटाइम्स.कॉम

बुलंदशहर में एक ट्रांसजेंडर ने अपने दोस्त से पीछा छुड़ाने के लिए उसके ही दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। शव को जंगल में दफना दिया गया। पुलिस ने ट्रांसजेंडर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक साक्षर कौशिक 30 मार्च को घर से निकला था और वापस नहीं लौटा।

transgender murdered with friends body buried to get rid of them

n NBT न्यूज, बुलंदशहर

कोतवाली नगर क्षेत्र में एक ट्रांसजेंडर ने अपने पुराने दोस्त से पीछा छुड़ाने के लिए उसके ही दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को जंगल में दफना दिया। पुलिस ने ट्रांसजेंडर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार है।

मृतक साक्षर कौशिक 30 मार्च को दोस्त देवेश के साथ घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। जांच के दौरान देवीपुरा के कैमरे में देवेश और साक्षर सुबह 10:48 बजे साथ जाते देखे गए। साक्षर के परिजनों ने देवेश से पूछा तो उसने झूठ बोला कि साक्षर रात में ही घर लौट आया था। साक्षर की मां ने पुलिस को बताया कि देवेश खुद सुबह घर आया था और साक्षर साथ नहीं था। इसी विरोधाभास ने पुलिस के शक की सुई देवेश की ओर घुमा दी और कड़ाई से पूछताछ में उसने सच उगल दिया। पुलिस ने देवेश की निशानदेही पर बाग से साक्षर का शव बरामद कर लिया है। पुलिस ने अमन उर्फ अवंतिका, देवेश और शुभम चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य साजिशकर्ता दीपक पकड़ से बाहर है।

एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि ट्रांसजेंडर अमन और साक्षर कौशिक के पुराने संबंध थे। अमन अब साक्षर से दूरी बनाना चाहता था, लेकिन साक्षर लगातार शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। अमन साक्षर के ही दोस्त दीपक के साथ प्रेम में था। साक्षर की प्रताड़ना बढ़ी तो अमन ने शिकायत दीपक से की। दीपक ने साक्षर को रास्ते से हटाने के लिए दोस्तों देवेश और शुभम के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 30 मार्च को देवेश साक्षर को बहला-फुसलाकर सिकंदराबाद क्षेत्र के चन्देरु के जंगल में बाग में ले गया। वहां दीपक, शुभम और अमन पहले से थे। चारों ने मिलकर ईंटों से उसे मार दिया। साथ ही शव को वहीं गड्ढा खोदकर दफना दिया।