मज़ार प्रबंधन नहीं दे पाए मालिकाना हक के साक्ष्य

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केजीएमयू परिसर में स्थित छह मजारों के प्रबंधन मालिकाना हक के सबूत नहीं दे पाए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई बार नोटिस भेजा लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। अब सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और आदेश जारी कर प्रशासन को भेजा जाएगा।

action decided on kgmu campus dargahs management fails to present ownership proof

n NBT न्यूज, लखनऊ : KGMU कैंपस के अंदर स्थित छह मजारों के मामले में अब कार्रवाई तय मानी जा रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन मजारों के प्रबंधन को दो बार नोटिस भेजकर जमीन से जुड़े दस्तावेज और कानूनी स्वामित्व के सबूत पेश करने को कहा था, लेकिन कोई भी पक्ष ठोस प्रमाण नहीं दे सका।

केजीएमयू प्रशासन के अनुसार, सिर्फ न्यू ऑर्थोपेडिक कैंपस स्थित एक मजार प्रबंधन की ओर से जवाब दिया गया, लेकिन जमीन आवंटन या मालिकाना हक से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। प्रबंधन को दोबारा प्रमाण देने का मौका दिया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत सभी संबंधित पक्षों को 4 अप्रैल को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया था। विवि के मुताबिक अब इस मामले में सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार आदेश जारी कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन को भेजा जाएगा।