जांच में खुलासा, झोलाछाप चला रहे थे कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट

नवभारत टाइम्स

कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि झोलाछाप इस रैकेट को चला रहे थे। प्रयागराज से कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। अब तक गिरफ्तार लोगों में कोई डॉक्टर नहीं है। ट्रांसप्लांट के दौरान कुछ लोगों की मौत की भी आशंका है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

kanpur kidney racket exposed quacks running illegal kidney transplants links to prayagraj

NBT रिपोर्ट, कानपुर: शहर के बहुचर्चित किडनी कांड में पुलिस की एक टीम शनिवार को प्रयागराज पहुंची। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि एंबुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल और दो ओटी टेक्निशन कुलदीप और राजेश से पूछताछ में प्रयागराज के नवीन पांडेय का नाम सामने आया था। शिवम की पत्नी ने भी इस बारे में सुराग दिया था। बताया जाता है कि नवीन पांडेय ने रोहित को बाकी लोगों से मिलवाया था। अब तक की जांच में लग रहा है कि पूरा गिरोह झोलाछाप ही संचालित कर रहे थे।

किडनी कांड की शुरुआती जांच में मुख्य तौर पर डॉ रोहित का नाम सामने आया था। जांच के क्रम में पता चला कि मुदस्सर अली सिद्दीकी की ही तरह रोहित भी डॉक्टर नहीं है। पुलिस ने अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें कोई भी डॉक्टर नहीं है। जांच में यह भी पता चला है कि ट्रांसप्लांट के दौरान एक विदेशी और एक अन्य महिला की मौत हुई है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे नामों को ट्रेस किया जाना ज़रूरी है। इसके बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सकेगा। इसके अलावा पुलिस शनिवार को मेडिलाइफ हॉस्पिटल के 2 डॉक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।