यमुना में रोज़ मिल रहा मिलेनियम सिटी के सीवर का पानी

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गुड़गांव का सीवर का पानी हर रोज यमुना को गंदा कर रहा है। शहर की एसटीपी क्षमता कम होने के कारण करीब 100 एमएलडी पानी बिना उपचार के ही नजफगढ़ ड्रेन के रास्ते यमुना में जा रहा है। प्रशासन अगले साल के अंत तक इस समस्या को दूर करने का दावा कर रहा है।

gurgaons sewage water entering yamuna daily increasing pollution risk

n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

भले ही 2027 के अंत तक शहर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता मौजूद समय से डबल करने का प्लान हो लेकिन आज शहर के सीवर का पानी यमुना को गंदा कर रहा है। शहर की STP क्षमता अभी 450 MLD के करीब है, जबकि रोज 550 MLD सीवर का पानी निकल रहा है।

यानी करीब 100 MLD पानी आज भी बिना ट्रीट किए ही निकाला जा रहा है। शहर की बादशारपुर ड्रेन के अलावा अन्य ड्रेनों से यह पानी नजफगढ़ ड्रेन में जाता है, इसके बाद यही पानी ISBT के पास ड्रेन आठ से यमुना में गिरता है। इस पानी से यमुना प्रदूषित हो रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि अगले साल के अंत तक नजफगढ ड्रेन में सीवर का पूरा पानी ट्रीट करके ही डाला जाएगा। शहर में बहरामपुर और धनवापुर STP से सीवर का पानी ट्रीट करके नजफगढ़ ड्रेन में डाला जा रहा है।

बहरामपुर-धनवापुर में बढ़ाएंगे STP की क्षमता : गुड़गांव महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की ओर से STP की क्षमता बढ़ाने और नए STP बनाने के प्लान पर काम शुरू कर दिया गया है। धनवापुर में 168 MLD क्षमता का STP है। इसकी क्षमता एक ओर जहां 50 MLD बढ़ाई जाएगी, वहीं यहीं पर 100 MLD का नया STP भी बनेगा। इस पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। जल्द काम शुरू होगा। बहरामपुर में मौजूदा समय में 175 एमएलडी की क्षमता का एसटीपी है। यहां पर 100 एमएलडी की क्षमता और बढ़ाई जाएगी। इस पर 191 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दो साल में यह काम पूरा होगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर लगाया जाएगा।