'न्यूनतम वेतन वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू करें, ताकि उद्योगों पर न पड़े दबाव'

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गुड़गांव में श्रम विभाग ने न्यूनतम वेतन वृद्धि पर औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक की। प्रतिनिधियों ने एकमुश्त वृद्धि को आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से इसे अनिवार्य कर दिया है। यह श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।

minimum wage hike demand for phased implementation to reduce pressure on industries

n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

श्रम विभाग गुड़गांव की ओर से न्यूनतम वेतन वृद्धि के संबंध में IMT मानेसर पर HSIIDC कार्यालय में बैठक की गई। अध्यक्षता हरियाणा की अतिरिक्त श्रमायुक्त डॉ.अनुराधा लांबा ने की। इसमें गुड़गांव और रेवाड़ी के लगभग 10 प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (PFTI) के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि एकमुश्त करीब 4000 रुपये की न्यूनतम वेतन वृद्धि आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। सुझाव दिया कि इस वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि उद्योगों पर अचानक वित्तीय भार न पड़े। अतिरिक्त श्रमायुक्त डॉ. अनुराधा लांबा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की जा चुकी है और इसे 1 अप्रैल 2026 से लागू करना अनिवार्य है। डिप्टी लेबर कमिश्नर नवीन शर्मा ने कहा कि यह वृद्धि श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो महंगाई और बढ़ती जीवनयापन लागत को ध्यान में रखते हुए की गई है। उन्होंने उद्योगों को आश्वस्त किया कि उनकी व्यावहारिक समस्याओं और सुझावों को उच्च स्तर पर पहुंचाया जाएगा। आरएल शर्मा ने कहा कि वेतन वृद्धि श्रमिकों के हित में आवश्यक है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में उद्योगों की व्यवहारिक कठिनाइयों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

वाइस चेयरमैन डॉ.एसपी अग्रवाल, लेबर लॉ एडवाइजर असोसिएशन गुड़गांव के अध्यक्ष आरएल शर्मा, मानेसर इंडस्ट्रीज वेलफेयर असोसिएशन से अध्यक्ष राजेश गुप्ता, गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंस्डस्ट्री के सचिव एसके आहूजा, कादीपुर इंडस्ट्रीज असोसिएशन से श्रीपाल शर्मा, रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स से कृष्ण यादव, आईडीए सेक्टर-37 से सीबी सिंह, सोहना-मेवात इंडस्ट्रीज असोसिएशन से आरपी खटाना तथा चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज से अश्वनी शर्मा उपस्थित रहे। श्रम विभाग की ओर से डिप्टी लेबर कमिश्नर नवीन शर्मा, सहायक श्रमायुक्त चंद्र पाल, मनोज कुमार, अनिल शर्मा और पवन कुमार भी मौजूद रहे।