n NBT न्यूज, गुड़गांव
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत कर्मचारियों का वेतन संकट अब गहराता जा रहा है। शुक्रवार को गुड़गांव के 21 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (UPHC) में कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध जताया, जिसके चलते ओपीडी सेवाएं ठप रहीं। 328 कर्मचारी केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोई कार्य नहीं किया। उन्होंने साफ कर दिया है कि वेतन नहीं तो काम नहीं। कर्मचारियों के काम बंद करने से कई जगह स्वास्थ्य सेवाए बाधित रहीं।
कर्मचारियों ने मिशन निदेशक (MD) को हस्ताक्षरित शिकायत पत्र भेजते हुए वेतन में लगातार हो रही देर को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि तीन महीने जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 का वेतन अब तक जारी नहीं किया गया, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
काम बंद करके बैठे कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न मिलने से बच्चों के स्कूल एडमिशन, घर खर्च और अन्य जरूरी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। एक साल से वेतन भुगतान में अनियमितता बनी हुई है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। विरोध के चलते UPHC में ओपीडी, टीकाकरण और अन्य सामान्य सेवाएं बंद रहीं। हालांकि, इमरजेंसी, टीबी मरीजों और आवश्यक दवाओं की सेवाएं सीमित रूप से जारी रखी गईं। NHM हरियाणा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरिराज और SKS प्रधान अनिल कुमार ने चेतावनी दी है कि वेतन जारी नहीं हुआ तो काम बंद ही रखा जाएगा। उधर, ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


