n NBT न्यूज, नोएडा
‘जब 450 रुपये किलो गैस सिलिंडर के दौर में घर चलाना मुश्किल हो जाए, तब सड़क पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।’ फेज-2 स्थित ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी, गौरव समेत कई कंपनियों के हजारों कर्मचारियों का यही दर्द शुक्रवार को नोएडा-दादरी-सूरजपुर रोड पर आक्रोश बनकर फूट पड़ा। केंद्र सरकार के वेतन बढ़ाने के आदेश के बावजूद कंपनियों द्वारा मात्र 300 रुपये की बढ़ोतरी के प्रस्ताव ने आग में घी का काम किया। शुक्रवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ यह आंदोलन बल प्रयोग और पथराव तक जा पहुंचा, जिससे पूरा शहर घंटों तक बंधक बना रहा। जब इतना बवाल हुआ तो प्रशासन की भी नींद खुली। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे और एसडीएम दादरी अनुज नेहरा ने श्रमिकों की बात सुनी। उनकी कुछ बातें मानने के बाद श्रमिकों ने शनिवार से काम पर लौटने का आश्वासन दिया है।
आंदोलन में शामिल ज्योति जैसी महिला कर्मचारियों का कहना है कि 13,300 रुपये की पगार में परिवार पालना अब नामुमकिन हो गया है। गुरुवार को कंपनी के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का असर न होने पर शुक्रवार सुबह करीब 600 से अधिक कर्मचारी एकजुट होकर मुख्य मार्ग पर बैठ गए। अडिशनल कमिश्नर डॉ. राजीव नारायण मिश्रा समेत कई डीसीपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने एक बार समझाकर कर्मचारियों को डी-ब्लॉक पार्क में शिफ्ट किया, लेकिन वार्ता विफल होने पर दो घंटे बाद गुस्साए कर्मचारी दोबारा सड़क पर उतर आए और नोएडा-दादरी-सूरजपुर रोड जाम कर दिया।
बल प्रयोग के बाद भड़का आक्रोश, पुलिस पर पथराव
जब समझाने-बुझाने का दौर खत्म हुआ और जाम से हाहाकार मच गया, तब पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इसके जवाब में गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सभी जोन के डीसीपी और एडीसीपी को अतिरिक्त फोर्स के साथ मोर्चा संभालना पड़ा


