nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर कैब-वे में वाहन मालिकों से जबरन वसूली की जा रही है। आलम यह है कि वाहन मालिकों को पेन से लिखकर पर्ची दी जा रही है। इस पर्ची से सिर्फ जीएसटी चोरी नहीं हो रही है बल्कि वाहन मालिकों के साथ भी धोखा किया जा रहा है। इसकी शिकायत रेलवे से की गई है, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, ठेकेदार ने दावा किया है कि उसने संबंधित कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है।
लखनऊ जंक्शन का कैब-वे चारबाग व लखनऊ जंक्शन स्टेशन को मवैया से कनेक्ट करता है। इससे लखनऊ जंक्शन के प्लैटफॉर्म नंबर छह पर आप अपने वाहन से सीधे पहुंच सकते हैं। इसके एवज में वाहन मालिकों से फीस ली जाती है। रेलवे ने इसको ठेके पर दिया हुआ है। दीपक सिंह नाम के व्यक्ति ने गुरुवार को शिकायत की कि जब वह अपने टेंपो ट्रैवलर से गए तो उनको कर्मचारी ने एक पर्ची दी। इस पर्ची पर 'पूर्वोत्तर रेलवे कैब-वे भारी वाहन प्रवेश शुल्क प्लेटफार्म नंबर-6' छपा था। साथ में दिनांक और समय के साथ दर का विकल्प छपा है। इस पर्ची पर कर्मचारी ने दर के आगे 500 रुपये और दिनांक भरी। उन्होंने कहा कि यह पर्ची वैध नहीं है तो कर्मचारी विवाद पर उतारू हो गया। बाद में वह पैसा देकर आगे बढ़ गए। इस पूरे मामले की शिकायत उन्होंने रेलवे से की है। उनका कहना है कि पर्ची वैध नहीं है। पर्ची पर ठेकेदार का नाम, मोबाइल नंबर, जीएसटी नंबर और क्रमांक आदि मेंशन होना चाहिए। यह रसीद मशीन से कटती है। ऐसा नहीं करके ठेकेदार न सिर्फ जीएसटी चोरी कर रहा है, बल्कि इस पर्ची से आप कोई दावा भी नहीं कर सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल सेवा की ओर कंप्लेन नंबर 026041710074 दर्ज करते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि जांच का आदेश जारी होने के बाद वाहन मालिक दीपक सिंह ने बताया कि ठेकेदार ने पैसे वापस कर दिए, माफी मांगी और कर्मचारी को हटा दिया है।


