बिना ऑपरेशन ब्रेन स्ट्रोक का आसान इलाज

नवभारतटाइम्स.कॉम

अब ब्रेन स्ट्रोक का इलाज आसान हो गया है। खोपड़ी खोले बिना दिमाग में रक्तस्राव रोका जा सकता है। पैर की नस से कैथेटर डालकर एन्यूरिज्म की कॉइलिंग से इलाज होता है। इससे मरीज जल्दी ठीक होते हैं और जोखिम कम रहता है। डायबिटीज के मरीजों के पैर कटने से भी बचाया जा सकता है।

easy treatment for brain stroke without operation bleeding control possible without opening the skull

n NBT न्यूज, लखनऊ : ब्रेन स्ट्रोक का इलाज पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। अब खोपड़ी खोले बिना ही दिमाग में रक्तस्राव रोका जा सकता है। ये बातें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. अनित परिहार ने कहीं। उन्होंने बताया कि पहले जहां इसके लिए बड़े ऑपरेशन की जरूरत पड़ती थी, वहीं अब पैर की नस के जरिए कैथेटर डालकर दिमाग तक पहुंचते हैं और एन्यूरिज्म की कॉइलिंग कर रक्तस्राव को नियंत्रित किया जाता है। इससे मरीज जल्दी ठीक होता है और जोखिम भी कम रहता है।

वो इंडियन सोसायटी ऑफ वैस्कुलर ऐंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के उत्तर प्रदेश चैप्टर की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि केजीएमयू, पीजीआई व लोहिया समेत अन्य संस्थानों में इंटरवेंशन रेडियोलॉजी से मरीजों को राहत पहुंचाई जा रही है।

पैर कटने से बचा सकते हैं: कान्फ्रेंस में डॉ. रोहित अग्रवाल ने बताया कि डायबीटीज के मरीजों में अक्सर पैर की नसों में ब्लॉकेज या चोट के कारण खून का बहाव रुक जाता है। इससे दर्द, सूजन और गैंगरीन जैसी स्थिति बन जाती है, जिसमें कई बार पैर काटना पड़ता है। अब इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तकनीक से कैथेटर, बैलूनिंग और स्टेंट के जरिए नसों की रुकावट दूर कर खून का बहाव सामान्य किया जा सकता है, जिससे पैर कटने से बचाया जा सकता है।