n NBT न्यूज, लखनऊ : केजीएमयू में अब टेढ़े-मेढ़े दांतों के इलाज के लिए आधुनिक एलाइनर तकनीक शुरू होगी। प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद मरीजों को यह सुविधा करीब 50% कम लागत पर उपलब्ध हो सकेगी। डेंटल साइंसेज फैकल्टी के ऑर्थोडोंटिक्स विभाग के डीन डॉ. जीके सिंह के अनुसार अब तक इलाज मेटल या पोर्सिलेन ब्रेसेस जैसे फिक्स्ड एप्लायंस से होता था, जिसमें 2 से 2.5 साल का समय और हल्का से मध्यम दर्द होता है। नई एलाइनर तकनीक पारदर्शी और रिमूवेबल होती है, जिससे यह दिखने में लगभग नजर नहीं आती और पहनने में भी अधिक आरामदायक है। खासकर वयस्क मरीज इसे अधिक पसंद कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में इसकी लागत 2.50 से 5 लाख रुपये तक होती है, लेकिन केजीएमयू में आउटसोर्सिंग के जरिए यह इलाज सस्ता होगा। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इसे लागू करने की अनुमति दे दी है।


