n NBT न्यूज, गाजियाबाद
बदलती दिनचर्या और खानपान का असर सीधा लिवर पर पड़ रहा है। जिले में प्रतिदिन करीब 50 मरीज फैटी लिवर के अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक है। करीब 30 महिलाएं रोजाना आ रही हैं, जिनकी उम्र 25 से 40 साल के बीच हैं। डॉक्टर पवन कुमारी द्वारा अस्पताल में सुबह 8 से 9 बजे तक परिसर में ऐसे मरीजों को लिए योग और नियमित एक्सरसाइज कराई जा रही है। इसमें फैटी लिवर के थर्ड स्टेज से लेकर फर्स्ट स्टेज के मरीज शामिल हैं।
एमएमजी से फिजिशियन आलोक रंजन ने बताया कि फैटी लिवर के अधिक मामलों में पित्त की थैली में पथरी होने की समस्या भी सामने आ रही है। डॉक्टर पवन कुमारी ने बताया कि फैटी लिवर में शुरुआत में खट्टी डकार आना, पेट फूलना और सोते समय मुंह से खट्टा पानी आने की समस्या होती है। ऐसे में मरीजों को जीवनशैली में सुधार, नियमित योग और हल्की एक्सरसाइज से आराम मिलता है। इस साल अब तक 18,250 मरीजों ने जांच कराई। साल 2023 में 47,015, 2024 में 29,077 और साल 2025 में 55,169 मरीजों ने लिवर की जांच कराई।


