खोड़ा में हो रहा उल्टा विकास, बिना सीवर लाइन बन रहा STP

नवभारतटाइम्स.कॉम

खोड़ा में विकास की तस्वीर उलटी है। सीवर लाइन के बिना ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की तैयारी है। करोड़ों का यह प्रोजेक्ट किस काम का, यह सवाल अदालत तक पहुंचा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। अदालत ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 20 मई को होगी।

reverse development in khoda stp being built without sewer line court seeks reply

n NBT रिपोर्ट, टीएचए : शहर में करीब 5 लाख की आबादी वाले खोड़ा में विकास की तस्वीर कुछ उल्टी दिखाई दे रही है। एक तरफ जहां पूरे इलाके में आज तक सीवर लाइन नहीं बिछी हैं। वहीं, दूसरी तरफ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने की तैयारी जोर-शोर से शुरू कर दी गई है। ऐसे में सवाल सीधा है, जब घरों से सीवर का पानी निकलकर प्लांट तक पहुंचेगा ही नहीं, तो फिर यह करोड़ों का प्रोजेक्ट किस काम का है? यही सवाल अब अदालत तक पहुंच चुका है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने इस पूरे मामले को संज्ञान में लिया है। याचिकाकर्ता सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने नगर पालिका परिषद के जवाब पर असंतोष जताते हुए राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि बिना सीवर लाइन के STP बनाने का औचित्य क्या है? कोर्ट ने एनजीटी में इसकी जानकारी होने न होने की भी बात पूछी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 मई को होगी।

फिलहाल योजना कागजों में

बता दें कि इससे पहले हुई कोर्ट की सुनवाई में नगर पालिका की ओर से दलील दी गई कि अपशिष्ट जल को दो स्थानों पर एकत्र कर करीब 4100 मीटर लंबी सीवर लाइन के जरिये STP तक पहुंचाया जाएगा। मगर इसके लिए अभी सड़क कटिंग शुल्क जमा करना बाकी है। ऐसे में साफ है कि योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।