आत्महत्या की कोशिश करने वाली छात्रा को पांचवीं मंजिल से कूदने से उसके साथियों ने रोक लिया और उसकी जान बचा ली। छात्रा मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली है। वह NIT में कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम में बीटेक की फर्स्ट ईयर में पढ़ रही है। वह भाग्यरथी गर्ल हॉस्टल के सी ब्लॉक में रहती है छात्र वहां पहुंच गए और उन्होंने छात्रा को बचा लिया। छात्रा ने प्रोफेसर और वॉर्डन पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि किसी बच्चे की मौत होने पर उसका परिवार ही रोता है। बाकी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता।


