चिनहट पुलिस का दावा, दोनों आरोपित गिरफ्तार
बाराबंकी के बड्डपुर में हत्या कर फेंका गया था किशोरी का शव
NBT रिपोर्ट, लखनऊ : चिनहट से लापता किशोरी की ऑनर किलिंग उसके पिता ने दोस्त के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद शव को बाराबंकी के बड्डूपुर इलाके में इंदिरा नहर की पटरी पर फेंक दिया गया। पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर एसिड डालने की कोशिश भी की गई। पुलिस ने आरोपित पिता और उसके साथी को गिरफ्तार कर उनके पास से घटना में प्रयुक्त कार और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
15 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे बड्डूपुर इलाके में इंदिरा कैनाल पटरी के पास बाबा की कुटी के निकट एक किशोरी का शव संदिग्ध हालात में मिला था। किशोरी के गले में गमछा कसा हुआ था और चेहरे को एसिड से जलाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, चेहरा पहचान में आ रहा था। बड्डूपुर थाने के प्रभारी मनोज सोनकर ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। शिनाख्त न होने के कारण 18 अप्रैल को पोस्टमॉर्टम करवाया गया, जिसमें स्ट्रेंग्यूलेशन (गला दबाकर या कसकर हत्या) से हत्या की पुष्टि हुई। पहचान न होने पर पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार अज्ञात के रूप में कर दिया था।
गुमराह करने को दर्ज करवाई थी गुमशुदगी
चिनहट के धावा क्षेत्र निवासी विजय चौबे ने 14 अप्रैल को आईजीआरएस पर अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। 16 अप्रैल को चिनहट थाने को जांच सौंपी गई। छानबीन में पुलिस को बड्डूपुर में मिले अज्ञात शव की जानकारी मिली। फोटो के आधार पर परिवारीजनों ने शव की पहचान की पुष्टि की।
विरोधाभासी बयान से पुलिस को हुआ शक
डीसीपी ईस्ट डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक पूछताछ में विजय चौबे के बयान विरोधाभासी पाए गए। मोहल्ले के लोगों से मिले इनपुट के आधार पर जब पुलिस ने सख्ती की, तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने दोस्त, चिनहट के मल्हौर रोड स्थित नाजिर बाग कॉलोनी निवासी अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर बेटी की हत्या की। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
बेटी के चालचलन से परेशान था
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के अनुसार, आरोपी पिता बेटी के कथित चालचलन से नाराज था। वर्ष 2025 में वह एक युवक के साथ चली गई थी, जिसके खिलाफ उसने मुकदमा दर्ज कराया था। युवक के जेल से छूटने के बाद दोनों फिर संपर्क में आ गए थे। विजय के अनुसार बेटी अन्य युवकों से भी बातचीत करती थी, जिससे वह आक्रोशित था और उसने हत्या की साजिश रची।
झाड़-फूंक के बहाने बेटी को लेकर निकला
13 अप्रैल को आरोपित पिता बेटी को झाड़-फूंक के बहाने घर से लेकर निकला। रास्ते में चिनहट तिराहे से उसने अपने दोस्त अब्दुल मन्नान को कार में बैठाया। दोनों उसे सुलतानपुर ले गए, जहां रात में ढाबे पर रुके। 14 अप्रैल को वे बाराबंकी पहुंचे और सुनसान जगह की तलाश करने लगे। एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी के मुताबिक कुर्सी रोड के पास सुनसान स्थान पर कार रोककर दोनों ने किशोरी का गला दबाया। किशोरी ने बचने की कोशिश की, लेकिन आरोपितों ने गमछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को इंदिरा कैनाल किनारे फेंक दिया गया और पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर एसिड डाला गया। पुलिस के अनुसार आरोपित पिता ने जांच को भटकाने के लिए पहले बाराबंकी निवासी युवक पर शक जताया था। यदि पुलिस सतर्कता न बरतती तो निर्दोष युवक फंस सकता था। सही जांच के चलते सच्चाई सामने आई और दोनों आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए।


