Pok Elections Rigging And Repression India Appeals To International Community
दख़ल दे दुनिया
नवभारतटाइम्स.कॉम•
पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में सरकारी दमन रोकने के लिए भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है, जो वहां के हालात को देखते हुए बिल्कुल सही है। भारत ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार की कार्रवाई में PoK में 40 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि वहां लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
चुनाव से जुड़ा है विरोध । यह मामला वहां हो रहे चुनावों से जुड़ा है। PoK में 45 सीटों के लिए असेंबली इलेक्शन हो रहे हैं। ये चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं, जो 10 अगस्त को पूरे होंगे। यहां विधानसभा की 53 सीटें हैं। इनमें से 45 पर सीधा चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, टेक्नोक्रैट्स और धर्मगुरुओं के लिए आरक्षित हैं।जबरदस्त धांधली हुई । 27 जुलाई को पहले चरण का चुनाव हुआ। इसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) ने 13 में से 9 सीटें जीतीं, बाकी 4 सीटें पाकिस्तान पीपल्स पार्टी को मिलीं। इस चरण में जबरदस्त धांधली हुई। यह बात भी छिपी नहीं है कि पाकिस्तान ने इस क्षेत्र की हमेशा उपेक्षा की है। सत्ताधारी दल का खेल । पिछले दो महीने से PoK में जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शन उन 12 सीटों को लेकर हो रहे हैं, जो प्रवासियों के लिए आरक्षित हैं। इसकी अगुआई जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) नाम का सिविल सोसाइटी ग्रुप कर रहा है। JAAC का कहना है कि इस्लामाबाद सरकार इन सीटों पर धांधली कर अपने लोग बिठाती है ताकि PoK असेंबली पर उसका कंट्रोल बना रहे। इस आरोप में दम है क्योंकि जो पार्टी पाकिस्तान पर हुकूमत करती है, वही अक्सर PoK चुनाव जीतती है।
आर्थिक परेशानी बढ़ी । मगर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोगों के गुस्से की वजहें सिर्फ चुनावी धांधली ही नहीं हैं। आर्थिक दुश्वारियों की वजह से भी उनमें गुस्सा है। फिर स्थानीय लोगों के अधिकार और भी सीमित किए जा रहे हैं। खबरें तो ये भी हैं कि सरकारी बंदिशों की वजह से इलाके में लोगों को सब्सिडाइज्ड गेहूं और जरूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। बिजली कटौती को लेकर भी लोगों में गुस्सा है। पाक अधिकृत कश्मीर की नदियों पर बने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जो बिजली बनती है, वह यहां के लिए जरूरी 400 मेगावॉट से कहीं अधिक है। इसके बावजूद इलाके में 15-20 घंटों तक बिजली काटी जाती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तुरंत दखल देकर पाकिस्तान सरकार के दमन पर रोक लगानी चाहिए।