बातचीत शुरू हो

नवभारतटाइम्स.कॉम
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ईरान को बड़े हमले की धमकी देने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना रुख बदल लिया है। अब उनका दावा है कि ईरान और कुछ खाड़ी देशों की पहल पर संभावित समझौते ही रूपरेखा तैयार हो गई है। इस समझौते की सबसे अहम शर्त है होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलना। ट्रंप के दावे से भले ही अभी संघर्ष बढ़ने से रुक गया हो, पर कोई नतीजा तब तक नहीं निकलेगा, जब तक बातचीत वाकई शुरू नहीं हो जाती।

ईरान का इनकार । इस टकराव को शुरू हुए पांच महीने से ज्यादा बीत चुके हैं और अभी तक कई बार इस तरह के दावे सुनने को मिले हैं। बड़े स्तर पर आमने-सामने की वार्ता भी हुई और वॉशिंगटन व तेहरान अंतरिम समझौते तक भी पहुंचे। लेकिन, स्थायी शांति इसलिए हासिल नहीं हो सकी, क्योंकि दोनों पक्षों को एक-दूसरे पर भरोसा नहीं है। इस बार भी ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, उनकी तरफ से हमले रोकने की अपील नहीं की गई और होर्मुज भी तब तक नहीं खुलेगा, जब तक अमेरिका की तरफ से शत्रुतापूर्ण कार्रवाई जारी रहती है।
खाड़ी देशों का डर । इसके बावजूद इस घटनाक्रम से यही संकेत मिलता है कि ट्रंप बातचीत का रास्ता भी टटोल रहे हैं। यह उनके हालिया बयानों से अलग स्टैंड है। इसके पीछे खाड़ी के देशों - कतर, सऊदी अरब और UAE की भूमिका भी है। इन देशों ने अमेरिका से नए हमले रोकने और कूटनीतिक प्रक्रिया जारी रखने की अपील की है। इन देशों को डर है कि अमेरिका हमले तेज करता है, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई में कई नए इलाके भी निशाना बन सकते हैं। और स्थिति संभालना मुश्किल होता जाएगा।

ट्रेड रूट पर संकट । एक बड़ी आशंका यमन में मौजूद हूतियों को लेकर है। हाल में उनका सऊदी अरब के साथ टकराव बढ़ा है। ईरान पर होने वाले हमलों के जवाब में हूती एक और महत्वपूर्ण शिपिंग रूट बाब-अल मंडेब को बंद करने की कोशिश कर सकते हैं। इस बारे में पहले भी धमकी दी जा चुकी है। इस रूट से 10 से 12% ग्लोबल ट्रेड होता है और लगभग 5% तेल-गैस यहीं से होकर गुजरता है। होर्मुज के साथ अगर यह रास्ता भी ब्लॉक हुआ, तो संकट बहुत बड़ा हो जाएगा।

संवाद का मौका । ट्रंप का हमला रोकना स्वागतयोग्य है, लेकिन इस मौके का इस्तेमाल रुकी बातचीत को फिर शुरू करने में किया जाना चाहिए। भड़काऊ बयानबाजियों के बजाय दोनों पक्ष अगर पिछली गलतियों से सीखते हुए अपनी शर्तों पर पुनर्विचार करें, तो रास्ता निकल सकता है।