इंसानी सभ्यता के आर्काइव्स हैं बीज

नवभारतटाइम्स.कॉम
seeds precious archives of human civilization and a treasure of infinite possibilities
पृथ्वी पर मौजूद अब तक करीब 2.6 लाख तरह के बीजों का पता चला है। इसमें से 30 हजार ऐसे हैं, जिनसे निकले फल, फूल, पत्ते या तने वगैरह को इंसान खा सकता है। हालांकि भूख मिटाने का अर्थशास्त्र चल रहा है महज 140-150 बीजों के भरोसे। यही जो उगाते हैं, उनको दुनिया खाती है। और इसमें भी धरती पर उगाई गई करीब आधी फसल केवल गेहूं, चावल और मक्का हैं। इस पूरी जानकारी को जुटाने में इंसानों को 10 से 11 हजार साल लग गए - पहली बार जब उसने जंगल काटकर थोड़ी समतल जमीन तैयार की, उसमें कुछ रोपा, उसे सींचा, काटा, खाया और आगे के लिए सहेजा। वहां से जो सफर शुरू हुआ, वह आज तक जारी है और उसी ने इंसानों को पहुंचाया यहां तक।

यह पूरा हिसाब-किताब जितना बीजों का है, उतना ही हमारा भी। हर बीज के भीतर जीवन के साथ यह कहानी भी छिपी होती है। वह उसी अनंत चक्र का हिस्सा है, जिसे प्रकृति ने शुरू किया था और फिर जिसे हमारे पूर्वजों ने पहचाना। बीजों की खरीदारी इसी चक्र से जुड़ने का एक तरीका है।
गार्डेनिंग को सबसे सुकून भरे कामों में से एक माना जाता है। इतना ही सुकून भरा है बीजों को खरीदने में भी। दुकानदार लकड़ी के छोटे-छोटे खांचों और पैकेट में बीजों को संभालकर रखते हैं। हर पैकेट भरा होता है उम्मीद के हजारों दानों से। जाने-माने अमेरिकी लेखक राल्फ वाल्डो इमर्सन ने इन दानों की ताकत ऐसे बताई है, 'ओक के एक बीज में हजारों जंगल रचने की क्षमता होती है।' कोई भी महान कृति एकदम से नहीं रची जाती। उसकी शुरुआत होती है किसी छोटी-सी चीज से। यहां तक कि इतना विशाल ब्रह्मांड भी एक छोटे-से बिंदु से शुरू हुआ।

बीज नाम है अनंत संभावनाओं का। छोटे-से खोल में बंद करोड़ों-अरबों जेनेटिक इंफॉर्मेशन और उनमें दर्ज स्वाद, सुगंध, रंग और आकार से लेकर हर बारीक सूचना। गेहूं के एक दाने को ही लीजिए तो उसमें होते हैं लगभग 16 अरब बेस पेयर। मिट्टी और नमी मिलते ही यह जानकारी कमाल दिखाना शुरू करती है। अंदर जो है, वह धीरे-धीरे बाहर आता है, जैसे नाटक के मंच से पर्दा हट रहा हो। इसी को देखने के लिए तो बीज खरीदने जाते हैं हम।

बीज दुनिया के सबसे भरोसेमंद साथी हैं। पेड़-पौधे अपना सब कुछ इसी को तो सौंपकर निश्चिंत होते हैं। और इस यकीन पर खरा उतरने में बीज खुद मिट्टी में घुल जाते हैं। लेकिन, यही बलिदान उन्हें और भी महान बना देता है और उस कहानी का हिस्सा, जो कभी खत्म नहीं होती। बीज हमें सिखाते हैं धैर्य रखना, कि किस तरह मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना है और अनुकूल माहौल में आगे बढ़ना है। वे आनंद देते हैं सृजन का और बताते हैं जीवन में ठहराव की अहमियत। तो न बीजों की खरीदारी सामान्य है और उनकी दुकान, वे आर्काइव्स हैं हमारी सभ्यता की।