Education Reform Congress Stands With Youth Demands Apology From Amit Shah
शिक्षा में सुधार देश के युवाओं का मुद्दा
नवभारतटाइम्स.कॉम•
कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि छात्र आंदोलन, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों पर कांग्रेस बगैर किसी शर्त युवाओं के साथ है। हेमंत राजौरा के साथ बातचीत में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए युवाओं से माफी मांगने की मांग दोहराई। पेश हैं इस बातचीत के मुख्य अंश:
n राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री को जाना होगा। क्या कांग्रेस अब उनके इस्तीफे की मांग करेगी?राहुल जी ने एकदम सही कहा है। जिस तरह छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ, उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, लड़कियों के साथ बदसलूकी हुई, उसकी जिम्मेदारी गृह मंत्रालय से अलग नहीं की जा सकती। इसलिए कांग्रेस की मांग है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद में देश के युवाओं से माफी मांगें। यदि वे ऐसा नहीं करते तो उनके पास नैतिक रूप से पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
n क्या कांग्रेस ने आंदोलन को पुलिस कार्रवाई के बाद बड़ा मुद्दा बनाया?
नहीं, कांग्रेस ने शुरू से छात्र आंदोलन का समर्थन किया। राहुल संसद के भीतर लगातार छात्रों की आवाज उठा रहे थे। लाठीचार्ज के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास का घेराव भी किया। अगर अभिजीत दीपके युवाओं के न्याय की बात कर रहे हैं, तो कांग्रेस भी उसी आवाज को मजबूत कर रही है।
n CJP को आप कैसे देखते हैं?
हमारे लिए व्यक्ति नहीं, मुद्दा महत्वपूर्ण है। पेपर लीक, बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार किसी एक संगठन का नहीं, देश के युवाओं का मुद्दा है। युवाओं की आवाज चाहे किसी भी मंच से उठे, कांग्रेस उसकी समर्थक है।
n क्या कांग्रेस राजस्थान में कर्नाटक जैसा नेतृत्व परिवर्तन नहीं कर पाई?
कर्नाटक में जो नेतृत्व परिवर्तन हुआ, उसमें सिद्धारमैया का बड़प्पन है। उन्होंने खुद तय किया कि वह अगली पीढ़ी को नेतृत्व सौंपेंगे। कर्नाटक के राजनीतिक परिवर्तन को केवल कर्नाटक के संदर्भ में ही देखा जा सकता है, न कि किसी और प्रांत के संदर्भ में।
n क्या छात्रों के मुद्दे पर I.N.D.I.A साझा आंदोलन करेगा?
संसद में पूरा विपक्ष युवाओं की आवाज उठा रहा है। कांग्रेस पहले से ही ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चला रही है, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं।
n क्या कांग्रेस डिलिमिटेशन बिल पर DMK के साथ समन्वय करेगी?
परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस, द्रविड मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और अधिकतर विपक्षी दलों का रुख स्पष्ट है। कांग्रेस महिला आरक्षण की समर्थक है, लेकिन डिलिमिटेशन के नाम पर संघीय ढांचे और संविधान से खिलवाड़ करने का विरोध करेगी।
n फिलहाल, कांग्रेस सड़क से संसद तक आक्रामक है। चुनाव तक ऐसा रहेगा?
यह चुनावी रणनीति नहीं बल्कि युवा, रोजगार, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सवाल है। कांग्रेस संसद में भी इन मुद्दों को उठाएगी और जनता के बीच भी।
n पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा है। ऐसे में चुनाव कैसे जीतेंगे?
पंजाब के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल सही समय पर टिप्पणी करेंगे। मुझे पंजाब कांग्रेस पर भरोसा है। पंजाब की जनता कांग्रेस को मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है।