संवाद ही शांति का आधार

नवभारतटाइम्स.कॉम
iran america tension dialogue is the basis of lasting peace
पत्र 3 अगस्त के संपादकीय ‘बातचीत शुरू हो’ से संबंधित है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। राष्ट्रपति ट्रंप के ताजा बयान से भले ही तत्काल सैन्य कार्रवाई की आशंका कम हुई हो, लेकिन केवल दावों से स्थायी शांति संभव नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर संकट वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है। खाड़ी देशों को भी कूटनीतिक समाधान को आगे बढ़ाना चाहिए, क्योंकि युद्ध नहीं बल्कि संवाद ही शांति का आधार बन सकता है।

राजीव तोरानी, फरीदाबाद