92 Lakh Women Excluded From Ladli Behna Yojana Was Your Sister Also Excluded
काली जीभ!
नवभारतटाइम्स.कॉम•
दीदी नाराज हो गई हैं। बहुत ज्यादा नाराज। महीनेभर पहले उनके घर गया था, तो बहुत खुश थीं। मारे खुशी के फूले नहीं समा रही थीं। 'लाडकी बहन योजना' के तहत उनके बैंक खाते में हर महीने पंद्रह सौ रुपये पता नहीं कब से डिपॉजिट हो रहे थे। उनका तो यहां तक कहना था कि जल्द ही यह राशि बढ़कर इक्कीस सौ रुपये होने वाली है! 'कितनी खुशी की बात है ना', उन्होंने चहकते हुए कहा था। 'लेकिन यह खुशी तो उनको मिलनी चाहिए, जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपये या उससे कम है', मैं उनकी खुशी का दुश्मन नहीं था, लेकिन उनके सामने सच भी तो रखना था। 'तू मेरा भाई है कि दुश्मन, जो तुझ से मेरी खुशी देखी नहीं जा रही', खीझ कर दीदी मुझ से बोली थीं- 'सरकार दे रही है और हम ले रहे हैं। किसी गैर की नहीं, अपनी सरकार है।' 'लेकिन दीदी आपके घर में तो हर महीने ढाई लाख रुपये से ज्यादा आते हैं। बेटे तो बेटे, बहुएं भी नौकरी करती हैं,' मैंने थोड़ा चिढ़ाने की गरज से कहा था, हालांकि यह बात सच थी। 'तू रहने दे। ज्यादा कानून ना झाड़। दूसरे की खुशी में खुश होना सीख', दीदी ने आंखें तरेरते हुए कहा था। फिर स्नेह से खाना परोसने लगी थीं। कुल मिलाकर हंसी-मजाक करते यह बात आई-गई हो गई थी।
लेकिन मुझे पता था कि एक न एक दिन तो दीदी के इन प्रति माह मिलने वाले पंद्रह सौ रुपयों पर गाज गिरेगी ही गिरेगी। अवैध लाभार्थियों के मामले में वेरिफिकेशन होना तय है। खबर आ गई थी कि वेरिफिकेशन के बाद 92 लाख महिलाएं लाडकी बहन योजना से बाहर कर दी गई हैं। जिस दिन यह खबर आई, उसी दिन मुझे अंदाजा हो गया था कि मेरी दीदी भी इस योजना से बाहर हुईं बहनों में से एक हैं। परंतु जब तक दीदी को इस बारे में पता नहीं चलता, क्यों बेकार उनकी खुशी में खलल डाला जाए। लेकिन आज जब सुबह-सुबह दीदी का फोन आया, तो सारा हंसी-मजाक और स्नेह एक किनारे हो गया। दीदी ने जैसे लानत भेजते हुए कहा- काली निकली रे तेरी जीभ। सचमुच इस बार मेरे एकाउंट में एक रुपया भी नहीं आया...।