Crime Controlled In Dwarka South With Active Patrolling And Coordination By Police
द्वारका साउथ में गश्त और तालमेल से क्राइम को मात
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n नवीन निश्चल, नई दिल्ली
द्वारका के सबसे जरूरी इलाकों में शामिल द्वारका सेक्टर-9 का द्वारका साउथ थाना 189 सोसायटी, एक जेजे कॉलोनी, 5 मार्केट और 19 जरूरी लोकेशन को कवर करता है। यहां सड़कें चौड़ी और खुली हैं। हालांकि, पीक आवर में खासकर स्कूलों के आसपास ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। सुबह स्कूल खुलने और दोपहर में छुट्टी के समय लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। यह थाना साउथ वेस्ट जिले की सीमा से जुड़ा है और पालम फ्लाईओवर के जरिए साउथ वेस्ट दिल्ली को साउथ दिल्ली से जोड़ता है। इलाके में अपराध की घटनाएं होती हैं लेकिन पुलिस का दावा है कि सक्रिय रणनीति, निगरानी और लगातार कार्रवाई के चलते अपराध पर कंट्रोल करने में सफलता मिल रही है।
डीसीपी द्वारका कुशल पाल सिंह के नेतृत्व, एसीपी किशोर कुमार रेवाला की निगरानी और एसएचओ राजेश कुमार साह की अगुवाई में पुलिस टीम कई मोर्चों पर काम कर रही है। एक ओर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, दूसरी ओर प्रिवेंटिव ऐक्शन के साथ लोगों को जागरूक करने पर भी खास जोर दिया जा रहा है। इस साल द्वारका साउथ थाना इलाके में लूट की केवल दो वारदात हुई हैं, जिनमें से एक का खुलासा कर लिया गया है, जबकि दूसरे मामले की जांच जारी है। इस दौरान हत्या की एक भी वारदात दर्ज नहीं हुई। स्नैचिंग की 8 घटनाओं में से 5 का खुलासा किया जा चुका है। ऑटो लिफ्टिंग की 11 घटनाओं में से 9 मामलों को सुलझाते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गाड़ी चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने लगातार अभियान चलाया है। बीएनएसएस की धारा 126/169 के तहत 213 लोगों के खिलाफ और धारा 126/170 के तहत 78 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इलाके में पुलिस और लोगों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए समय-समय पर जनसभाएं और बैठकें आयोजित की जाती हैं। इनमें डीसीपी, एसीपी और एसएचओ भी शामिल होते हैं। स्ट्रीट क्राइम पर रोक लगाने के लिए नियमित फुट पेट्रोलिंग, स्थायी पुलिस पिकेट और रोटेशन के आधार पर एक्स्ट्रा पिकेट लगाकर संदिग्धों की पहचान और जांच की जाती है। पुलिस बदमाशों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।