छुट्टा पशुओं पर लगे लगाम

नवभारतटाइम्स.कॉम
stray cattle control danger from villages to cities immediate need for effective system
आवारा और छुट्टा पशु अब गांवों के साथ शहरों में भी खतरा बनते जा रहे हैं। शहर में हुई हाल की घटना ने फिर दिखा दिया कि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं होने पर ऐसे हादसे किसी के साथ भी हो सकते हैं। नगर निगम और स्थानीय निकायों को छुट्टा पशुओं को पकड़ने के अभियान नियमित और तेज करने चाहिए। गोआश्रय स्थलों की क्षमता बढ़ाने, पशु मालिकों की जवाबदेही तय करने और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जरूरत है। प्रशासन, स्थानीय निकाय और आम नागरिकों की साझी जिम्मेदारी से ही ऐसे हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

श्रेया सिंह, महानगर