महंगे हुए 5G फोन, 4G को मिला नया जीवन

नवभारत टाइम्स
महंगे हुए 5G फोन, 4G को मिला नया जीवन
(फोटो- नवभारत टाइम्स)
NBT रिपोर्ट: भारत में सबसे सस्ते स्मार्टफोन अब तेजी से गायब हो रहे हैं। फोन बनाने के पार्ट्स महंगे होने की वजह से कंपनियों के लिए 9,000 रुपये से कम कीमत वाले फोन बनाना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। ऐसे में, कम बजट वाले ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां पुरानी 4G तकनीक का सहारा ले रही हैं। इससे 4G फोन को बाजार में एक नई संजीवनी मिल गई है।

IDC की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून की तिमाही में 9,000 रुपये से कम वाले फोन की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 74.3% की भारी गिरावट आई है। बाजार में इस कैटिगरी की हिस्सेदारी भी 15.6% से घटकर महज 4.5% रह गई है।
TOI के मुताबिक, पूरे स्मार्टफोन बाजार की बात करें तो कुल बिक्री 11.1% गिरकर 3.32 करोड़ यूनिट रही। लेकिन फोन की औसत कीमत (ASP) 14.4% बढ़कर लगभग 28,400 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसकी वजह फोन की मेमोरी और अन्य पार्ट्स का महंगा होना है। कंपनियों ने अपना मुनाफा बचाने के लिए डिस्काउंट देना भी कम कर दिया है।

अब लोग सस्ते फोन के बजाय थोड़े महंगे फोन की तरफ बढ़ रहे हैं। जहां सबसे सस्ते फोन का बाजार खत्म हो रहा है, वहीं 36,000 से 54,000 रुपये वाले प्रीमियम फोन की डिमांड 60.3% बढ़ गई है।

एंट्री-लेवल 5G फोन महंगे होने के कारण कई ब्रैंड्स ने फिर से 4G मॉडल बाजार में उतार दिए हैं। इससे इस तिमाही में 4G फोन की हिस्सेदारी बढ़कर 11.1% हो गई है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ तब तक है जब तक 4G फोन का पुराना स्टॉक खत्म नहीं हो जाता। इसके बाद ग्राहकों के पास महंगे 5G फोन खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

इस मंदी का असर चीनी ब्रैंड्स पर भी पड़ा है। वीवो की बिक्री 13.9%, शाओमी की 10% और रियलमी की 14.2% गिर गई है। सबसे ज्यादा गिरावट iQoo में देखी गई, जिसकी बिक्री 61% तक कम हुई है। आने वाले त्योहारों के सीजन में कीमतें और बढ़ सकती हैं क्योंकि पुरानी सस्ती इन्वेंट्री खत्म हो रही है।