हार किसी सफर का आखिरी पड़ाव नहीं : शुभांशु शुक्ला

नवभारतटाइम्स.कॉम
learn from failure and advance in spacetech shubhanshu shukla launches spacetech venture cohort at bennett university
nNBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

अंतरिक्ष अब सिर्फ वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों की दुनिया नहीं रह गया है। आने वाले वक्त में यहां स्टार्टअप और नए बिजनेस आइडिया के लिए भी बड़ी जगह बनने वाली है। इसी सोच के साथ बेनेट यूनिवर्सिटी ने स्पेसटेक के क्षेत्र में छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए स्पेसटेक वेंचर कोहॉर्ट शुरू किया है। इसका लॉन्च बुधवार को यूनिवर्सिटी के दीक्षारंभ 2026 कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने किया।
नए स्टूडेंट्स से बात करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि मुश्किल वक्त में अपनी तैयारी और मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए। असफलता किसी सफर का आखिरी पड़ाव नहीं है, बल्कि उससे सीखकर खुद को नए सिरे से तैयार करने का मौका मिलता है।

यूनिवर्सिटी के इस नए प्रोग्राम में टेक्नोलॉजी, डिजाइन, लाइफ साइंसेज, आर्किटेक्चर, पॉलिसी और बिजनेस जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के स्टूडेंट्स स्पेसटेक से जुड़े आइडिया पर काम कर सकेंगे। यानी अंतरिक्ष की दुनिया में कदम रखने के लिए सिर्फ रॉकेट बनाना ही जरूरी नहीं होगा, नए आइडिया और नए नजरिए की भी उतनी ही अहमियत होगी। कार्यक्रम में खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित रोंजन सोढ़ी भी विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए फोकस और लगातार कोशिश करते रहना जरूरी है।

इस मौके पर स्पेस फाउंडर्स मैनुअल भी लॉन्च किया गया। यह स्पेस के क्षेत्र में अपना स्टार्टअप शुरू करने की सोच रखने वालों के लिए A-टु-Z गाइड है।