लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया है। रिश्वतखोरी के मामले में विजिलेंस जूनियर इंजिनियर दिनेश वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश के पूरे नेटवर्क को तलाशने में जुट गई है। इस सिलसिले में विजिलेंस ने दोनों की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग निकाल ली है, जिससे विभाग के कई बड़े चेहरों की नींद उड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के मोबाइल से भ्रष्टाचार और डीलिंग से जुड़ी कई वॉयस रिकॉर्डिंग्स मिली हैं, जिनमें पैसों के लेनदेन और अवैध निर्माण को शह देने की बातचीत है।एक PCS अधिकारी, दो इंजिनियर रेडार पर : कॉल डिटेल और मोबाइल रिकॉर्डिंग्स के विश्लेषण के बाद विजिलेंस के रेडार पर अब कुछ और बड़े नाम आ गए हैं। विजिलेंस के सूत्रों का दावा है कि इस पूरे खेल में शामिल एक PCS अफसर और दो इंजिनियरों के खिलाफ जल्द बड़ी दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। विजिलेंस के उच्च अधिकारियों ने मामले में एलडीए वीसी से मुलाकात की। जांच टीम ने वीसी को अब तक मिले सभी पुख्ता सुबूत, कॉल डिटेल्स और ऑडियो रिकॉर्डिंग्स की जानकारी दी है, ताकि आरोपितों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई को बिना किसी अड़चन के आगे बढ़ाया जा सके।
जल्द हो सकती हैं गिरफ्तारियां : विजिलेंस अब इस बात का पता लगा रही है कि गिरफ्तार जेई की मदद कौन-कौन कर रहा था? इसके लिए जेई के संपर्क में रहे सभी संदिग्धों, ठेकेदारों और दलालों की कुंडली खंगाली जा रही है। जल्द इस मामले में कुछ और चौंकाने वाली गिरफ्तारियां हो सकती हैं।