Noel Tatas Choice Will Be New Chairman Of Tata Sons N Chandrasekaran To Leave Post
नोएल टाटा की पसंद का होगा टाटा संस का नया चेयरमैन!
नवभारत टाइम्स•
NBT रिपोर्ट, मुंबई
एन चंद्रशेखरन 20 फरवरी, 2027 को अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने पर टाटा संस के चेयरमैन का पद छोड़ देंगे। इससे उनके दोबारा चुने जाने को लेकर महीनों से चल रही अनिश्चितता खत्म हो जाएगी और साथ ही टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ मतभेद भी सामने आएंगे। टाटा संस का नया चेयरमैन कौन होगा, इसको लेकर कई अटकलें हैं। टाटा स्टील के ग्लोबल सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर टी वी नरेंद्रन को सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि बाहरी उम्मीदवारों पर भी विचार किए जाने की उम्मीद है। जानकारों के अनुसार अब जो भी नाम आएगा, वह नोएल टाटा के पसंद का हो सकता है।टाटा संस के चेयरमैन पद से एन. चंद्रशेखरन के हटने के फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में, टाटा ट्रस्ट्स ने कहा कि वह इस फैसले का सम्मान करता है। गुरुवार को जारी एक बयान में, ट्रस्ट ने कहा कि उसके नॉमिनी डायरेक्टरों को 12 अगस्त को चंद्रशेखरन से एक ईमेल मिला था, जिसमें उन्हें उनके फैसले के बारे में बताया गया था। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) ने टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर एन. चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम उनके उस ऐलान के एक दिन बाद उठाया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि 20 फरवरी, 2027 को उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने पर वे अगला कार्यकाल नहीं लेंगे।
दरअसल, चंद्रशेखरन के प्रस्तावित पांच साल के कार्यकाल विस्तार को लेकर छह महीने से चले आ रहे लंबा गतिरोध, टाटा ग्रुप की भविष्य की दिशा और गवर्नेंस को लेकर चंद्रशेखरन और नोएल टाटा के बीच मतभेदों से जुड़ा था। करीबी कहते हैं कि जब रतन टाटा रिटायर हुए तब माना गया कि नोएल टाटा उनकी जगह लेंगे, लेकिन रतन टाटा की जगह ली शापूरजी पालोनजी ग्रुप के साइरस मिस्त्री ने। शापूरजी परिवार की टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है। फिलहाल, शापूरजी परिवार का अभी टाटा संस की लिस्टिंग की मांग को लेकर टाटा ग्रुप के साथ विवाद भी चल रहा है। नोएल का नाम 2016 में फिर सामने आया, जब साइरस मिस्त्री को रतन टाटा के साथ अनबन की वजह से पद छोड़ना पड़ा और बारी आई टीसीएस से सीईओ एन चंद्रशेखरन चंद्रशेखरन की। एक बार फिर नोएल टाटा को टाटा संस का शीर्ष पद नहीं मिला। नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से ग्रुप के पांच साल के स्ट्रैटेजिक रोडमैप, नए बिजनेस में हो रहे नुकसान को संभालने के तरीकों और टाटा संस को पब्लिक किए बिना शापूरजी पलोनजी ग्रुप को एग्जिट का विकल्प देने के बारे में और स्पष्टता मांगी।