Azadi Ka Utsav Eradication Of Poverty Corruption And Inequality Essential For Completeness
 आजादी का उत्सव
नवभारतटाइम्स.कॉम•
हम सौभाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। यह आजादी हमें अनगिनत देशभक्तों के त्याग और बलिदान से मिली है। आज देश ने विकास के अनेक आयाम छुए हैं, लेकिन भ्रष्टाचार , शोषण, गरीबी और अवसरों की असमानता जैसी समस्याएं अब भी मौजूद हैं। स्वतंत्रता दिवस पर बड़े-बड़े वादे और भाषण होते हैं, पर उनका प्रभाव जमीन पर भी दिखना चाहिए। जब तक हर गरीब को दो वक्त की रोटी, सिर पर छत और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलती, तब तक आजादी का उत्सव पूर्ण नहीं माना जा सकता। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सभी नागरिकों को स्वार्थ छोड़कर देश निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।