एजुकेशन सिस्टम की परीक्षा

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 एजुकेशन सिस्टम की परीक्षा
13 अगस्त का लेख ‘रटकर नहीं हो सकता AI से मुकाबला’ पढ़ा। अब सवाल यह नहीं रह गया कि स्टूडेंट्स कितना याद रख सकते हैं, बल्कि यह है कि वे उपलब्ध ज्ञान का इस्तेमाल करके क्या नया सोच सकते हैं। एजुकेशन सिस्टम की आज यही सबसे बड़ी परीक्षा है। लेकिन, केवल AI और तकनीकी विषयों को प्राथमिकता देना भी खतरनाक हो सकता है। तकनीक हमें सक्षम बना सकती है, पर उसका इस्तेमाल किस दिशा में करना चाहिए, यह तय करने के लिए मानवीय संवेदना, इतिहास, दर्शन, कला और सामाजिक समझ जरूरी है। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस उत्तर दे सकती है, समझने की क्षमता मनुष्य को ही विकसित करनी होगी। इसलिए शिक्षा का लक्ष्य AI से मुकाबला करना नहीं, उसके साथ तालमेल में आगे बढ़ना होना चाहिए। आखिरी लक्ष्य मानवता की सेवा है।

विशाल सैनी, नोएडा