फेस्टिव सीज़न में CNG-EV पर हो सकती है लंबी वेटिंग!

Contributed byKhalid.Amin,नई दिल्ली|नवभारतटाइम्स.कॉम
फेस्टिव सीज़न में CNG-EV पर हो सकती है लंबी वेटिंग!
नई दिल्ली: इंडिया में फेस्टिव सीजन का दौर शुरू होने वाला है। बड़ी संख्या में लोग गाड़ी खरीदने के फैसले को इस खास वक्त के लिए रोक कर रखते हैं। फेस्टिव सेंटिमेंट के अलावा कंपनियां इस दौरान कई तरह के डिस्काउंट और गिफ्ट भी ऑफर करती हैं। इन तमाम वजहों से गाड़ियों की बिक्री इस दौरान अपने पीक पर जाती है। लेकिन इस बार बढ़ती मांग के बीच ग्राहकों की बदलती पसंद के मुताबिक गाड़ियों की सप्लाई बनाए रखने की चुनौती भी होगी। खासतौर पर CNG और इलेक्ट्रिक कारों की मांग में तेजी के कारण लोकप्रिय मॉडलों पर वेटिंग बढ़ सकती है। डीलरों के मुताबिक, जिन मॉडलों की मांग ज्यादा है, उनमें ग्राहकों को समय पर डिलीवरी देना त्योहारी सीजन में अहम चुनौती होगी।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स असोसिएशंस (FADA) के जुलाई के आंकड़े भी ग्राहकों की पसंद में हो रहे इस बदलाव की तस्वीर दिखाते हैं। महीने में CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक पैसेंजर वीकल्स की संयुक्त हिस्सेदारी बढ़कर 40.6 फीसदी पहुंच गई। यानी अब बाजार में बिकने वाली हर ढाई कार में करीब एक कार वैकल्पिक ईंधन वाली है। इसके मुकाबले पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी 41.7 फीसदी रह गई है। एक साल पहले दोनों के बीच अंतर काफी ज्यादा था। ईवी की मांग में भी जुलाई में जोरदार तेजी दिखी। महीने में पैसेंजर ईवी की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 83 फीसदी बढ़ी। FADA ने भी लोकप्रिय ईवी मॉडलों की सप्लाई को मांग के मुकाबले चुनौती बताया है। ऐसे में त्योहारी सीजन में नए मॉडल और मौजूदा लोकप्रिय गाड़ियों की इन्वेंट्री कंपनियों के लिए अहम होगी।
CNG कारों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। जून में ही FADA के आंकड़ों में अल्टरनेटिव फ्यूल वाली कारों की संयुक्त हिस्सेदारी पहली बार 40 फीसदी के पार गई थी। इसी दौरान मारुति की CNG कारों की बुकिंग में 40 फीसदी की बढ़ोतरी की रिपोर्ट सामने आई थी।

ऑटो डीलरों के मुताबिक, पेट्रोल कारों को लेकर ग्राहकों की चिंता और कम रनिंग कॉस्ट वाली गाड़ियों की बढ़ती मांग CNG और EV की तरफ रुख बढ़ा रही है। मार्केट के जानकारों के मुताबिक इस साल का फेस्टिव सीजन कंपनियों के लिए सिर्फ ज्यादा कारें बेचने का मौका नहीं होगा बल्कि जिस कंपनी के पास मांग के मुताबिक CNG और EV की सही गाड़ियां समय पर डिलिवरी के लिए मौजूद होंगी, उसके पास बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने का बेहतर मौका होगा।