Two New Medicine Firms On Radar In Medicine Market Fake Medicine Trade Revealed
'रेडार' पर मेडिसिन मार्केट की दो नई दवा फर्में
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : नकली और संदिग्ध दवाओं के कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अमीनाबाद में दर्ज मुकदमे की जांच का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की है। औषधि निरीक्षक ने दर्ज मुकदमे में श्रीराज राजेश्वर इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर बाल गोविंद और श्री बांके बिहारी फार्मा के प्रोपराइटर रोहित चड्ढा को शामिल कर उनकी भूमिका की जांच करने का अनुरोध किया है।
दोनों फर्मों के Marg Software और स्टॉक लेजर की पड़ताल की गई। इसमें केनाकोर्ट 40 एमजी वाइल की खरीद-बिक्री से जुड़े कई संदिग्ध लेनदेन सामने आए। रेकॉर्ड के मुताबिक राज राजेश्वर इंटरप्राइजेज ने भारत फार्मा, अमीनाबाद से दवा खरीदकर बांके बिहारी फार्मा को बेची थी। अप्रैल और जून 2025 में 1,440 और 720 वाइल की खरीद-बिक्री के रेकॉर्ड मिले। सबसे गंभीर मामला 3,600 वाइल का है। बांके बिहारी फार्मा के सॉफ्टवेयर में यह खरीद राज राजेश्वर इंटरप्राइजेज से दर्शाई गई, लेकिन इसका कोई बिल नहीं मिला। दूसरी ओर राज राजेश्वर इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर ने इतनी मात्रा में दवा बेचने से इनकार किया। जांच में 720 वाइल का स्टॉक भी संदिग्ध मिला। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लेजर में दर्ज यह स्टॉक अगले वित्तीय वर्ष में शून्य दिखाया गया, जबकि भौतिक स्टॉक नहीं मिला। इससे दवा का नमूना लेकर गुणवत्ता परीक्षण भी नहीं हो सका। FSDA के अनुसार 3,600 वाइल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 7.20 लाख रुपये है। फर्जी या कूटरचित बिलिंग से खरीद-बिक्री और भंडारण की आशंका जताई गई है। दोनों फर्मों के संबंध भारत फार्मा से भी मिले हैं, जिसके संचालक देवेंद्र शुक्ला पर पहले ही नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग का मुकदमा दर्ज है। अब पुलिस नए दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर दोनों फर्मों की जांच करेगी।