n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के तहत संचालित पांच महिला दुग्ध उत्पादक कंपनियों से करीब 3.25 लाख महिला दुग्ध उत्पादक जुड़कर रोज करीब 12.5 लाख लीटर दूध एकत्र कर रही हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह मॉडल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रहा है।
प्रदेश के 31 जिलों में संचालित बलिनी, काशी, सामर्थ्य, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी महिला किसानों को संगठित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और नियमित आय उपलब्ध करवा रही हैं। इनमें सबसे बड़ी सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से 1.12 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं, जबकि बलिनी कंपनी से 98 हजार से अधिक महिला किसान संबद्ध हैं। इन कंपनियों के माध्यम से अब तक हजारों महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। बलिनी से 49,571, सामर्थ्य से 32,848, काशी से 11,715, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा से 10,546 और सृजनी से 7,932 महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हुई हैं।