n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : यूपी में भारी बरसात के बीच जर्जर इमारतों में चल रहे होम्योपैथी क्लिनिक और अस्पतालों की ओपीडी बदहाल है। आलम यह है कि लखनऊ जिला होम्योपैथी अधिकारी कार्यालय और ओपीडी के पीछे का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई डॉक्टर या कर्मचारी नहीं था लिहाजा कोई हताहत नहीं हुआ। यही हाल प्रतापगढ़ और लखीमपुर समेत कई जिलों में है। किसी जिले में वर्षों पुरानी दुकान तो कहीं तबेलों के पास कमरे में होम्योपैथी क्लिनिक चल रही। भारी जलभराव के बीच इनकी छतें टपक रहीं और अस्पताल तक पहुंचने वाले रास्तों में जलभराव के चलते मरीजों का वहां तक पहुंच पाना मुश्किल हो गया है। प्रतापगढ़ के रोओची परानोपुर में जर्जर मकान में क्लिनिक चल रही है। वहीं, यहां के गुटनी स्थित क्लिनिक ऐसी जगह है कि चारों तरफ से रास्ते जलजमाव में डूबे हुए हैं। लखीमपुर के जंग बहादुरगंज स्थित अस्पताल का हाल भी बुरा है।
अपनी इमारतों में चलेगी ओपीडी : निदेशक डॉ. पीके सिंह के मुताबिक यूपी के जितने भी जिलों में किराए के भवनों में ओपीडी चल रही है, वहां विभाग जमीन लेकर अपनी इमारत बनाएगा। इसके लिए हर जिले के डीएम को वहां के डीएचओ के साथ मिलकर जमीन चिह्नित करने को कहा गया है। इसके लिए करीब 76 जगहों पर काम शुरू हो चुका है। वहीं, आयुष मिशन के तहत 130 पुराने अस्पतालों की जगह नई इमारत बनाने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है। डॉ. पीके सिंह के मुताबिक लखनऊ के डीएचओ कार्यालय की जमीन को लेकर कानूनी विवाद है। इसके चलते उस भवन की मरम्मत और नया निर्माण संभव नहीं है। वहीं, उन्होंने दावा किया कि प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में जिला होम्योपैथी अधिकारियों के नए दफ्तर तैयार हो चुके हैं।