जब सब घसीटा जाए

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when everything is dragged the deep meaning and various contexts of ghaseetna
‘घसीटना’ का सीधा अर्थ है- किसी वस्तु को इस तरह खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाती हुई आगे बढ़े। जब किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी विवाद, काम या मामले में शामिल कर लिया जाए तो कहते हैं, ‘उसे भी इसमें घसीट लिया।’ इसका एक और अर्थ है- जल्दी-जल्दी और अस्पष्ट लिखना। परीक्षा में उत्तर न आता हो तो विद्यार्थी कभी-कभी कुछ भी ‘घसीट’ आते हैं। पत्रकारिता में भी कहते हैं- डेडलाइन के दबाव में खबर ‘लिखी’ कम और ज्यादा ‘घसीटी’ है। अंग्रेजी में इसके लिए drag और लिखावट के संदर्भ में scribble शब्द इस्तेमाल होता है। ‘घसीटना’ शब्द संस्कृत के ‘घृष्ट’ और ‘घर्ष’ से जुड़े हैं, जिनमें रगड़ का भाव है। हम कई बार पुरानी यादों, अधूरे रिश्तों और अनचाही जिम्मेदारियों को छोड़ नहीं पाते और उन्हें वर्षों तक घसीटते रहते हैं। संगीत में भी ‘घसीट’ शब्द का एक सुंदर रूप मिलता है। तबले के बाएं (डग्गा) पर स्वर को खींचने की तकनीक को कुछ परंपराओं में ‘घसीट’ कहा जाता है। यानी कहीं वस्तु घिसटती है, कहीं कलम और कहीं स्वर, लेकिन मूल भाव है खींचना।