पूर्व वीसी का आरोप, समझौते का दबाव बना रहे लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष

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former vcs sensational allegation case filed against vice chairman of small industries corporation for loan fraud and threat
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: भाषा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष नटवर गोयल पर अपने कर्मचारियों को भेजकर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पूर्व वीसी का दावा है कि आरोपितों ने उनके नाम से चार बार अलग-अलग फ्लैट संख्या पर लोन लिया। पीड़ित के मुताबिक बैंक के अधिकारियों ने प्रक्रिया को अनदेखी करके लोन दिया। वहीं, मामले में कैसरबाग पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है।

लालबाग स्थित सिने ग्रैंड अपार्टमेंट निवासी प्रो. मारूख मिर्जा ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि के पूर्व कुलपति हैं। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर, 2023 को उन्होंने सिने ग्रैंड अपार्टमेंट में फ्लैट 103 और 104 खरीदे थे। श्री बालाजी कंट्रक्शन की यूनिट न्यू कॉन बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक/उपाध्यक्ष लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष नटवर गोयल और उनके बेटे हिमांशु गोयल ने दोनों फ्लैटों की कीमत 52.50 लाख रुपये बताई थी।
प्रो. मिर्जा का आरोप है कि कंपनी के लोगों ने जम्मू ऐंड कश्मीर बैंक, बजाज फाइनैंस, टाटा कैपिटल, आईडीएफसी बैंक और केनरा बैंक से उनके नाम पर अलग-अलग ऋण स्वीकृत करवा लिए। इनके जरिए करीब 94.30 लाख रुपये कंपनी ने ले लिए। साथ ही, केनरा बैंक से 1.17 करोड़ का अतिरिक्त होम लोन भी स्वीकृत करवाया गया। आरोप है कि पहले के 1.15 करोड़ के लोन का समायोजन किए बिना यह रकम भी कंपनी को दे दी गई। शुरुआत में कंपनी कुछ महीनों तक किस्त जमा करती रही, बाद में भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद प्रो. मिर्जा को बैंकों के नोटिस मिलने लगे। प्रो. मिर्जा के मुताबिक शिकायत करने पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। कैसरबाग पुलिस ने मामले में नटवर गोयल, हिमांशु गोयल, आरके श्रीवास्तव, बाला श्रीवास्तव और पांचों बैंकों के अज्ञात पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।