Haryanas First Namo Van Dense Forest To Adorn Gurugram With Miyawaki Technique
मियावाकी तकनीक से तैयार हो रहा प्रदेश का पहला नमो वन
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n दीपाली श्रीवास्तव, गुड़गांव
शहर में बढ़ते कंक्रीट के बीच अब जंगल की हरियाली और प्राकृतिक वातावरण का एहसास कराने की तैयारी है। सोहना के गैरतपुर बास में प्रदेश का पहला नमो वन आकार ले रहा है। करीब एक हेक्टेयर में इसे मियावाकी तकनीक से विकसित किया जा रहा है। इसमें करीब 10 हजार पौधे लगाए गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यहां अलग-अलग ऊंचाई और अरावली प्रजाति के पौधे एक साथ विकसित होने से वन क्षेत्र को मल्टी लेयर्ड स्वरूप मिलेगा और पौधों के बढ़ने पर यह जगह घनी होती जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर हरियाली बढ़ाने के साथ प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संतुलन में भी मदद मिलेगी। क्या है मियावाकी तकनीक: मियावाकी तकनीक में कम जगह में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे अधिक घनत्व के साथ लगाए जाते हैं। अलग-अलग ऊंचाई वाले पौधों को एक साथ विकसित करने से कम समय में घना हरित क्षेत्र तैयार करने का प्रयास किया जाता है। गैरतपुर बास का नमो वन भी इसी तकनीक पर विकसित किया जा रहा है। गैरतपुर बास के बाद गुड़गांव जिले में दूसरा नमो वन मानेसर में बनाया जा रहा है । यहां दो हेक्टेयर में नमो वन विकसित किया जा रहा है। इससे जिले के अलग-अलग हिस्सों में छोटे लेकिन घने वन क्षेत्र तैयार करने की योजना है।