n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) उत्तर प्रदेश से जुड़े आउटसोर्स कर्मियों के संगठन कंसलटेंट वेलफेयर असोसिएशन (सेवा) ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। संगठन का कहना है कि उसने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मिशन निदेशक, पंचायती राज विभाग के निदेशक, प्रमुख सचिव और मुख्य सचिव सहित विभिन्न अधिकारियों को सौंपे, लेकिन अब तक न तो मांगों पर विचार किया गया और न ही वार्ता के लिए समय दिया गया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल केसरी ने बताया कि शासनादेश और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की ऑपरेशनल गाइडलाइन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की तर्ज पर मानदेय निर्धारण का प्रावधान है। एनआरएलएम में आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय का पुनर्निर्धारण कर वृद्धि की जा चुकी है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कर्मचारियों के मानदेय में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मानदेय वृद्धि , समय पर भुगतान, वार्षिक वेतन वृद्धि, आकस्मिक मृत्यु एवं दुर्घटना सुरक्षा, महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व लाभ, मानव संसाधन नीति लागू करने और नियमित संवाद व्यवस्था की मांग की गई है। संगठन ने समानता और न्याय के सिद्धांत के आधार पर अपनी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है।