Modern Art Changes Folk Art Remains Alive Grand Organization Of Lalita Pandeys 10th Folk Art Exhibition
‘आधुनिक कला बदलती है, लोककला जीवंत रहती है’
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT न्यूज, लखनऊ: कैसरबाग स्थित उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी में पंकज आट् र्स फाउंडेशन की ओर से वरिष्ठ लोक कलाकार ललिता पांडे की 10वीं लोककला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इतिहासकार रवि भट्ट ने कहा कि कला मुख्यतः दो प्रकार की होती है। एक लोककला और दूसरी आधुनिक कला। आधुनिक कला समय के साथ बदलती रहती है, जबकि लोककला अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े होने के कारण सदैव जीवंत रहती है। विशिष्ट अतिथि अशोक बैनर्जी ने कहा कि ललिता पांडे की कलाकृतियों में समय के साथ निरंतर निखार आया है। प्रदर्शनी में जगन्नाथ मंदिर एवं पुरी पर आधारित लोककलाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अतिरिक्त लोककला से सुसज्जित कोस्टर, ट्रे और टेबल मैट भी कला प्रेमियों को पसंद आए। इस अवसर पर निदेशक श्रद्धा शुक्ला, प्रो. शोभा मिश्रा, पुनीता अवस्थी, निनी कक्कड़, प्रो. अमिता रानी सिंह, क्षितिज शुक्ला, प्रफेसर मंजुला उपाध्याय, पवन उपाध्याय, वरिष्ठ कलाकार गिरीश तिवारी, सीमा जागरण मंच उत्तराखंड के प्रांत संगठन मंत्री आशीष वाजपेयी और अपूर्वा अवस्थी सहित अनेक कला प्रेमी उपस्थित रहे।