एक क्लिक पर दिखेगी प्रो. सुखबीर की कालजयी कला

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एक क्लिक पर दिखेगी प्रो. सुखबीर की कालजयी कला
nNBT न्यूज, लखनऊ : कला और देश के प्रति अगाध प्रेम के चलते प्रियम चंद्रा साल 2020 में अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़कर भारत लौटीं। उनका सिर्फ एक ही मकसद था अपने नाना प्रो. सुखबीर संघल की कालजयी कला विरासत को धूल धूसरित होने से बचाना और उसे आधुनिक युग के अनुसार नया जीवन देना।

प्रियम ने अमेरिका में रहते हुए देखा था कि कैसे वहां की ऐतिहासिक कलाकृतियों और इतिहास को डिजिटल तकनीकों के जरिए सदियों के लिए सुरक्षित कर दिया जाता है। इसी से प्रेरित होकर वो सुखवीर संघल आर्ट फाउंडेशन के तहत 14 जुलाई को सुखबीर संगल डिजिटल आर्काइव को लॉन्च करने जा रही हैं। इसके जरिए सालों से बंद फाइलों और संग्रहालय की दीवारों में सिमटा इतिहास अब पूरी दुनिया के रिसर्च स्कॉलर्स और कला प्रेमियों के लिए एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। बंगाल स्कूल की वाश पेंटिंग शैली को एके हलदार लखनऊ आर्ट्स कॉलेज लेकर आए थे, लेकिन प्रो. संघल ने इसे भारतीय रस सिद्धांत से जोड़कर नया रूप दिया। उन्होंने अपनी कलाकृतियों में जीवन के नौ रसों को जीवंत किया।