नगर निगम में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भाजपा के महानगर संगठन और मेयर सुषमा खर्कवाल के बीच विवाद गहराता दिख रहा है। भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा है कि संगठन को कार्यकारिणी बैठक की सूचना ही नहीं दी गई ऐसे में चुनाव प्रक्रिया असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि पूरा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में व्यस्त था। ऐसे में संगठन से चर्चा किए बिना कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष का चुनाव करवाना ठीक नहीं। आनंद द्विवेदी ने कहा कि उपाध्यक्ष और सदन में भाजपा पार्षद दल के उपनेता का नाम संगठन ही तय करता है। कार्यकारिणी की बैठक से पहले हर बार संगठन में पार्षदों के नाम पर चर्चा की जाती है और नाम पर अंतिम मुहर लगती है। यह प्रक्रिया वर्षों से चली आ रही है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम की समाप्ति के अगले ही दिन कार्यकारिणी बैठक बुलाना ठीक नहीं है। आनंद के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कहा है कि 'पार्टी और संगठन सर्वोपरि है, व्यक्ति नहीं'। ऐसे में अगर कोई खुद को पार्टी से ऊपर समझता है, तो वह पूरी तरह गलत है। प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच सकता है मामला
राजनीतिक गलियारों में इस टकराव को भाजपा संगठन और स्थानीय निकाय (सरकार) के बीच बढ़ते मतभेद के रूप में देखा जा रहा है। महानगर अध्यक्ष के कड़े रुख के बाद अब यह मामला भाजपा के प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचना तय माना जा रहा है। संगठन का साफ कहना है कि बिना समन्वय और अनुशासन के लिए गए किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं किया जाएगा।