अल्पसंख्यक आयोग में नियुक्तियां न होने पर प्रमुख सचिव तलब

नवभारतटाइम्स.कॉम
principal secretary summoned over delay in minority commission appointments high court expresses displeasure
n NBT न्यूज, लखनऊ : हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति में हो रही देरी पर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायालय ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को 20 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने का आदेश दिया है कि अब तक आयोग में नियुक्तियां क्यों नहीं की गईं। कोर्ट ने कहा कि यदि विभाग में अपर मुख्य सचिव तैनात नहीं हैं तो प्रमुख सचिव को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने शम्स तबरेज की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

यह याचिका उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की शीघ्र नियुक्ति करवाने की मांग को लेकर दाखिल की गई है। पीठ ने कहा कि 24 अप्रैल 2026 को उसने राज्य सरकार से आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की वर्तमान स्थिति पर स्पष्ट लिखित निर्देश प्रस्तुत करने को कहा था। इसके बावजूद सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से केवल मौखिक रूप से बताया गया कि नामांकन की प्रक्रिया अब भी जारी है। पीठ ने कहा कि स्पष्ट आदेश के बावजूद आज तक न तो लिखित निर्देश उपलब्ध करवाए गए और न ही आयोग में नियुक्तियां की गईं। अदालत ने इसे पूर्व आदेश के प्रति अत्यंत अनादरपूर्ण रवैया बताया। पीठ ने अपर मुख्य सचिव अथवा प्रमुख सचिव से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि सरकारी अधिवक्ता को लिखित निर्देश क्यों उपलब्ध नहीं करवाए गए।