बिल्डर AOA को देगा इंट्रेस्ट फ्री फंड, कॉमन एरिया पर होगा खर्च

Contributed bySunil.Pandey2|नवभारतटाइम्स.कॉम
builders will now give interest free fund to aoa maintenance worries for common areas end
n NBT रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा

बिल्डर प्रॉजेक्ट के आरडब्ल्यूए-एओए को हैंडओवर होने के बाद भी उसके रखरखाव की दिक्कत नहीं आएगी। यूपी रेरा ने इसके लिए इंटरेस्ट फ्री मेंटिनेंस सिक्यॉरिटी (IFMS) फंड जुटाने, प्रबंधन, हस्तांतरण व उपयोग की व्यवस्था लागू कर दी है। इस फंड के उपयोग से प्रॉजेक्ट में समस्याओं को दूर किया जा सकेगा। यूपी रेरा ने विनियम, 2019 में 12वां संशोधन किया है। इसके माध्यम से IFMS की व्यवस्था लागू की गई है। प्रमोटर्स को बिक्री, लीज या सब-लीज डीड के पंजीकरण के समय आवंटियों से आईएफएमएस की राशि एकत्र करनी होगी। यह राशि किसी अनुसूचित बैंक में खोले गए अलग खाते में जमा करना अनिवार्य होगा। इसके बाद इस राशि को सबसे अधिक ब्याज देने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट योजना में निवेश किया जाएगा।
रेरा ने प्रॉजेक्ट की प्रकृति, आकार और श्रेणी के अनुसार आईएफएमएस की दरें निर्धारित की हैं। बहुमंजिला ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्ट में आवासीय इकाइयों की श्रेणी के अनुसार 20 से 100 रुपये प्रति वर्ग फुट तक आईएफएमएस तय किया गया है। कमर्शल प्रॉजेक्ट में नॉन-सेंट्रल एयर कंडीशंड परियोजनाओं के लिए 40 रुपये और सेंट्रल एयर कंडीशंड परियोजनाओं के लिए 50 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर तय की गई है।

नई व्यवस्था के तहत जब प्रॉजेक्ट के कॉमन एरिया का हस्तांतरण किया जाएगा, तब प्रमोटर को आईएफएमएस की पूरी राशि रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन या फिर आवंटियों के संघ को देना अनिवार्य होगा। इसके साथ प्रमोटर को एक ट्रांसफर स्टेटमेंट भी उपलब्ध कराना होगा, जिसमें प्रत्येक इकाई से प्राप्त आईएफएमएस राशि, किए गए व्यय का विवरण, ऑडिट ट्रेल व हस्तांतरित की जा रही अंतिम शेष राशि का पूरा विवरण शामिल होगा। इस निधि का उपयोग केवल प्रॉजेक्ट के साझा क्षेत्रों, उपकरणों व सामूहिक उपयोग की सेवाओं के संचालन, रखरखाव, मरम्मत और आवश्यक प्रतिस्थापन के लिए ही किया जाएगा। राशि को अन्य मेंटेनेंस चार्ज से अलग सेपरेट खाते में रखा जाएगा। आरडब्ल्यूए को आईएफएमएस निधि से संबंधित सभी प्राप्तियों, भुगतानों और उपयोग का लेखा-जोखा रखना होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट को तीन महीने में वार्षिक आम सभा में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।