ग्रेनो अथॉरिटी पर किसानों ने डाला महापड़ाव

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सीईओ-डीएम से 24 जुलाई को वार्ता के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना

ग्रेनो अथॉरिटी पर किसानों ने डाला महापड़ाव
n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा

जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर विशाल महापंचायत और धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। एक हजार से अधिक किसान सुबह जैतपुर गोलचक्कर पर एकत्र हुए। कुछ देर चक्काजाम करने के बाद किसान हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च के रूप में प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और पीएसी के जवानों की भारी तैनाती की गई थी तथा प्राधिकरण के सभी प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। प्राधिकरण के गेट नंबर-2 पर पहुंचते ही किसानों ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की हुई। आंदोलनकारियों ने बैरिकेड गिराने का प्रयास भी किया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में किसान मुख्य गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए और प्राधिकरण प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महापंचायत में बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भी भाग लिया। किसान सभा, किसान एकता संघ, किसान परिषद सहित कई किसान संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। किसान नेता सुखवीर खलीफा, मास्टर श्यौराज सिंह सहित अन्य नेताओं ने भी किसानों को संबोधित किया। दोपहर बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के एसीईओ वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कहा कि बातचीत केवल तीनों प्राधिकरणों के सीईओ और डीएम की मौजूदगी में ही होगी। इसी मांग पर किसान देर शाम तक धरने पर डटे रहे। रात करीब आठ बजे अधिकारियों ने उच्चस्तरीय वार्ता का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया। किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा ने बताया कि अगले शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और जिलाधिकारी के साथ 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, नए भूमि अधिग्रहण कानून के क्रियान्वयन, सर्किल रेट बढ़ाने तथा आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर बैठक होगी। इसके बाद 5 अगस्त तक नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ भी वार्ता प्रस्तावित है। यदि तय समय सीमा तक समाधान नहीं निकला, तो 5 अगस्त से यमुना प्राधिकरण पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।