Haji Mohammad Iqbals Plea To Quash Case Dismissed High Court Transfers Investigation To Stf
हाजी मोहम्मद इकबाल के खिलाफ केस रद्द करने की याचिका खारिज
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, नोएडा
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की तरफ से 2023-2014 में मेसर्स एनचेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को आवंटित 12500 वर्ग मीटर का प्लॉट का 2022 में 29.30 करोड़ रुपये बकाया के कारण आवंटन रद कर दिया। इसको लेकर पूर्व एमएलसी व सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी के चांसलर व पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के खिलाफ ईकोटेक थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे को रदद करने के लिए हाजी इकबाल की तरफ से याचिका दायर की गयी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रधारी सिंह व लक्ष्मीकांत शुक्ल की बेंच ने याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट ने इसके जांच एसटीएफ से गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को स्थानांतरित कर दी है। गौरतलब अवैध खनन, मनी लांड्रिग व रियल एस्टेट में धोखाधड़ी को लेकर पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के खिलाफ ईडी जांच कर रही है। ईडी से बचने के लिए उन्होंने दुबई में शरण ली है। लखनऊ में विशेष MP-MLA कोर्ट द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। प्रदेश सरकार की तरफ से गैंगस्टर एक्ट के तहत उनकी लगभग ₹276 करोड़ की 56 संपत्तियों को जब्त/कुर्क किया है। इसके अलावा उनकी कई हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले भी कुर्क की जा चुकी हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में आवंटित प्लॉट के बकाया को लेकर एसटीएफ गौतमबुद्ध नगर की प्रारंभिक जांच पर थाना इकोटेक तृतीय में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई। हाजी इकबाल के खिलाफ पहले से ही एसएफआइओ जांच चल रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनजीओ सेव इंडिया की याचिका के बाद शुरू हुई थी। एसएफआइओ ने दिल्ली के द्वारका कोर्ट में शिकायत दर्ज कर रखी है। इसमें मेसर्स एनचैंट इंफ्रास्ट्रक्चर और मस्तिफ इंडिया जैसी कंपनियों की भूमिका की जांच की गई थी।