डूबने से हुई थी हिमांशी की मौत, क्या जिंदा नहर में फेंका था?
डूबने से हुई थी हिमांशी की मौत, क्या जिंदा नहर में फेंका था?
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : विवाहिता हिमांशी (26) की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आई है। अब सवाल यह है कि क्या उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया गया था? वहीं अभी शिनाख्त को लेकर भी संदेह की स्थिति है। इस लिए पुलिस डीएनए टेस्ट कराएगी। फिलहाल इटौंजा पुलिस ने इस मामले में आरोपित अधिवक्ता पति,सास और ननद की गिरफ्तारी करते हुए जेल भेज दिया है।
एसीपी बीकेटी विकास पांडेय ने बताया कि सीतापुर निवासी पवन कश्यप ने 13 जुलाई को अपनी बेटी हिमांशी की दहेज के लिए हत्या और शव नहर में फेंकने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित पिता ने हिमांशी के पति प्रदीप, सास सुनीता, ससुर श्रीराम, जेठ संदीप गौड, ननद प्रीति, राखी और प्रीति के बेटे शिवा उर्फ लकी के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था। 14 जुलाई को नगराम स्थित रेगुलेटर में एक महिला का शव बरामद हुआ था, जिसकी शिनाख्त परिवारीजनों ने हिमांशी के रूप में की थी। छानबीन के दौरान इंस्पेक्टर सोबरन सिंह और उनकी टीम ने आरोपित पति प्रदीप कुमार, उसकी मां सुनीता और बहन राखी का पकड़ा था। पति ने बताया कि 12 जुलाई को वह अमरनाथ पर जाने की तैयारी कर रहा था, जिससे हिमांशी नाराज थी। सुबह टहलने के बाद जब लौटा तो बहन ने बताया कि हिमांशी ने फंदा लगा लिया है। इसके बाद पुलिस के डर से उसने मां सुनीता और बहन राखी की मदद से हिमांशी के शव को फंदे से उतारा, कार में डाला और चिनहट के पास ले जाकर नहर में फेंक दिया।