Aktu Phd After Btech No Need For Post graduation Now Know New Guidelines
AKTU में बीटेक के बाद सीधे PhD
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ने अपने पीएचडी ऑर्डिनेंस में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब विवि में बीटेक के बाद सीधे पीएचडी करने की मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए छात्रों को पीजी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विवि की अकैडमिक काउंसिल की बैठक में इसे मंजूरी दी गई थी। इसके बाद विवि की ओर से इस व्यवस्था को इसी सत्र से लागू कर दिया गया है। हालांकि इसके लिए विवि ने कुछ गाइडलाइन भी बनाई है। उसी के तहत दाखिला दिया जाएगा।
पीएचडी ऑर्डिनेंस में जोड़े गए नए नियमों के मुताबिक बीटेक के बाद सीधे पीएचडी करने वाले छात्रों का अकैडमिक रेकॉर्ड देखा जाएगा। इसके लिए 8वां सेमेस्टर पासआउट होने के बाद छात्र के न्यूनतम 75% अंक या उसके समकक्ष ग्रेड होना अनिवार्य है। इससे कम अंक वालों को सीधे पीएचडी में दाखिला नहीं दिया जाएगा। इस नए प्रावधान के तहत जिन्हें दाखिला दिया जाएगा उन्हें पीएचडी के पहले दो वर्षों के भीतर कम से कम 8 कोर्सेज जिनमें "रिसर्च पब्लिकेशन एंड एथिक्स" और "रिसर्च मेथोडोलॉजी" शामिल हैं पूरे करने होंगे। यह न्यूनतम 24 क्रेडिट के होंगे। इसके अलावा दो रिसर्च पेपर जर्नल में प्रकाशित होने की भी शर्त को शामिल किया गया है। पार्ट टाइम पीएचडी का भी मौका : इस प्रावधान के तहत छात्र अब बीटेक के बाद नौकरी के साथ पीएचडी कर सक सकते है। इसके लिए पार्ट टाइम पीएचडी में आवेदन करना होगा। इसके लिए कंपनी या संस्थान की ओर से एनओसी देनी होगी। रेगुलर मोड में फेलोशिप और नॉन-फेलोशिप दोनों योजनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि पार्ट-टाइम मोड केवल नॉन-फेलोशिप योजना के तहत ही दाखिला दिया जाएगा।