क्यों है अहम? : यह हॉर्न ऑफ अफ्रीका यानी सोमालियन पेनिन्सुला और अरेबियन पेनिन्सुला के बीच है। इसके एक ओर इरिट्रिया और जिबूती हैं और दूसरी ओर यमन। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने का प्रमुख जरिया है। अभी तक बाब अल मंदेब से 60 से 70 लाख बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन ढोया जा रहा था। इसमें से लगभग आधा क्रूड सऊदी अरब अपने यांबू बंदरगाह से भेज रहा था। बाकी में से अधिकांश हिस्सा रूस से भारत आने वाले तेल का है। इसी रास्ते से कुछ तेल चीन भी जा रहा था। अगर पूरी नाकाबंदी हो गई, तो सऊदी अरब से जहाजों को स्वेज नहर का रास्ता पकड़ना पड़ेगा। ग्लोबल रियल टाइम डेटा प्रोवाइडर Kpler के लीड एनालिस्ट सुमित रितोलिया ने कहा, 'एशियाई तेल रिफाइनरी कंपनियों के लिए लाल सागर भी स्ट्रेट ऑफ होरमुज जैसा अहम हो गया है। वहां स्थिति बिगड़ने पर कच्चे तेल की उपलब्धता, ढुलाई लागत, क्षेत्रीय आपूर्ति और रिफाइनरीज के कामकाज पर असर पड़ेगा।'
क्यों है अहम? : यह हॉर्न ऑफ अफ्रीका यानी सोमालियन पेनिन्सुला और अरेबियन पेनिन्सुला के बीच है। इसके एक ओर इरिट्रिया और जिबूती हैं और दूसरी ओर यमन। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने का प्रमुख जरिया है। अभी तक बाब अल मंदेब से 60 से 70 लाख बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन ढोया जा रहा था। इसमें से लगभग आधा क्रूड सऊदी अरब अपने यांबू बंदरगाह से भेज रहा था। बाकी में से अधिकांश हिस्सा रूस से भारत आने वाले तेल का है। इसी रास्ते से कुछ तेल चीन भी जा रहा था। अगर पूरी नाकाबंदी हो गई, तो सऊदी अरब से जहाजों को स्वेज नहर का रास्ता पकड़ना पड़ेगा। ग्लोबल रियल टाइम डेटा प्रोवाइडर Kpler के लीड एनालिस्ट सुमित रितोलिया ने कहा, 'एशियाई तेल रिफाइनरी कंपनियों के लिए लाल सागर भी स्ट्रेट ऑफ होरमुज जैसा अहम हो गया है। वहां स्थिति बिगड़ने पर कच्चे तेल की उपलब्धता, ढुलाई लागत, क्षेत्रीय आपूर्ति और रिफाइनरीज के कामकाज पर असर पड़ेगा।'

