RTO में ट्रांसफर और HPA के लिए अब अलग-अलग दौड़

नवभारतटाइम्स.कॉम
separate hurdles for rto transfer and hpa removal now vehicle owners to face long wait
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : गाड़ी के ट्रांसफर के दौरान हाइपोथिकेशन एग्रीमेंट (एचपीए) को नहीं हटवाया जा सकेगा। इसके लिए करीब एक सप्ताह का इंतजार करना पड़ेगा। अभी तक दोनों सेवाएं एक साथ आरटीओ में हो जाती थीं, लेकिन फेसलेस में बदलाव किए जाने की वजह से इन सेवाओं का उपयोग अब दो बार में किया जा सकेगा। इतना ही नहीं अगर ट्रांसफर के दौरान आप दूसरा लोन ले रहे हैं तो उसके लिए एक सप्ताह और लग जाएगा। इससे वाहन मालिक को करीब एक महीने तक का इंतजार करना पड़ जाएगा।

 किसी गाड़ी को अगर बैंक लोन पर खरीदा गया है तो उसका ब्योरा वाहन की आरसी पर एचपीए के रूप में दर्ज होता है। लोन समाप्त होने के बाद वाहन स्वामी को बैंक से मेल करवाने और एनओसी लेने के बाद एपीए नई आरसी से हट जाता है। कई बार वाहन मालिक एचपीए हटवाना भूल जाता है। ऐसे में अगर वह गाड़ी बेचता है तो बेचने की प्रक्रिया (ट्रांसफर) और एचपीए कटाने की प्रक्रिया को एक साथ करा लेता था। यानी नई आरसी पर न सिर्फ नए वाहन स्वामी का नाम होगा बल्कि एचपीए भी हट जाएगा। पहले यह प्रक्रिया आसानी से एक दिन में हो जाती थी। क्योंकि, एचपीए हटने के साथ ही ट्रांसफर का भी आवेदन हो जाता था। इस बीच परिवहन विभाग की सेवाओं को फेसलेस करने के साथ ही ऑटोमोड की प्रक्रिया एनआईसी कर रहा है। इसकी वजह से पिछले कुछ दिनों से ट्रांसफर और एचपीए की फीस एक साथ नहीं कट रही है। ऐसे में एचपीए हटने के बाद एक सप्ताह बाद नई आरसी मिल रही है। इस नई आरसी के बाद ही ट्रांसफर का आवेदन किया जा सकता है।
नया लोन चढ़ाया तो महीनेभर का इंतजार: ट्रांसफर और एचपीए की मुश्किल के बीच एक दिक्कत और है। एचपीए और ट्रांसफर के बीच खरीदार नए लोन पर गाड़ी खरीदता है तो उसके लिए आवेदन एक सप्ताह बाद यानी कि पूरी प्रक्रिया में कुल एक महीने का वक्त लग सकता है। आमतौर पर बड़ी गाड़ियों को सेकंड हैंड के रूप में खरीदने के लिए भी कई ग्राहक लोन लेते हैं। जानकारों का कहना है कि वाहन स्वामी बार-बार आवेदन की प्रक्रिया और अन्य प्रक्रियाओं से दौड़ने से बचना चाहते हैं। ऐसे में इस नई व्यवस्था से दलालों की चांदी हो जाएगी।