याचिका में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि लंबे समय से खुले में बहाए जा रहे इस जहरीले पानी के कारण पूरे क्षेत्र का ग्राउंड वॉटर (भूजल) बुरी तरह दूषित हो चुका है। मिट्टी की परतों से रिसकर यह केमिकल नीचे पीने वाले पानी के स्रोतों तक पहुंच रहा है। नतीजा यह है कि आसपास के रिहायशी इलाकों और गांवों में रहने वाले लोग इस दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं, जिससे कैंसर , त्वचा रोग, और किडनी से संबंधित कई गंभीर बीमारियां पैर पसार रही हैं।

